शिवपुरी। विद्यार्थी जीवन के दौर के अपने गुरु और शिक्षा-केन्द्र हमेशा हम सबकी स्मृतियों में जीवित रहते हैं चाहे हम अपने जीवन मे कितना भी आगे निकल जाएँ. आज मैं वर्षों बाद अपनी शिक्षा भूमि को नमन करने यहां आया हूँ और इस कॉलेज परिसर में आकर ना केवल गर्व की अनुभूति कर रहा हूँ बल्कि साथ ही उस समय के दौर की कई स्मृतियाँ मेरी आँखों के सामने मेरे स्मृति-पटल पर साकार हो रहीं हैं. उक्त उदगार भारत सरकार द्वारा खेल प्रशिक्षक की भूमिका के उत्कृष्ट निर्वहन के लिए दिए जाने वाले देश के सर्वोच्च सम्मान द्रोणाचार्य अवार्ड विजेता भारत की पैराशूटिंग टीम के मुख्य कोच जे.पी. नौटियाल ने आज शासकीय पी.जी. कॉलेज शिवपुरी में आयोजित एलुमनाई लेक्चर को संबोधित करते हुए व्यक्त किए. कॉलेज में आयोजित एलुमनाई लेक्चर को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि खेलों में कैरियर निर्माण के बेहतर अवसर आज देश में उपलब्ध हैं. विद्यार्थियों को खेलों के क्षेत्र में जीवन-निर्माण की दिशा में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतिस्पर्धाओं में देश का नाम गौरवपूर्ण रूप से स्थापित कराने के संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए.
द्रोणाचार्य अवार्ड विजेता जे.पी. नौटियाल गत दिवस शासकीय पीजी कॉलेज शिवपुरी पहुँचे थे और उन्होंने बेहद भावुकता भरे अंदाज में अपने जूलॉजी विषय के प्रोफेसर बी.के. जैन सर से आशीर्वाद प्राप्त किया. साथ ही जे.पी. नौटियाल ने उन क्लासेस में बैठकर भी अपने 1985-87 के कॉलेज एजुकेशन के दौर को याद किया जब वे यहाँ साइंस के विद्यार्थी के रूप में अध्ययन किया करते थे. बाद में इस कॉलेज से शिक्षा पूरी करने के बाद वे 1989 में आईटीबीपी में भर्ती हुए थे. 1990 में उन्होंने आईटीबीपी की शूटिंग टीम बनायी और देश के कई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शूटिंग प्लेयर्स को प्रशिक्षित किया. भारत सरकार ने 2021 में उन्हें खेल प्रशिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका के उत्कृष्ट निर्वहन के लिए देश के सर्वश्रेष्ठ प्रतिष्ठित सम्मान द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित किया. पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों उन्हें देश का यह प्रतिष्ठित अवार्ड प्राप्त हुआ था. द्रोणचार्य अवार्ड प्राप्त जे.पी. नौटियाल आज जब कॉलेज पहुंचे तो पूरी तरह से अपने कॉलेज जीवन की यादों में खो गए. उन्हें उम्मीद नहीं थी कि शायद ही उनके समय का कोई प्रोफेसर अब यहाँ मिले. लेकिन जब उन्हें पता लगा कि प्रोफेसर बी.के. जैन सर अभी भी इसी कॉलेज में पदस्थ हैं तो अपने बीच अपने टीचर को पाकर वे अभिभूत हो गए और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया. जे.पी. नौटियाल के साथ उनकी धर्मपत्नी सुधा नौटियाल, कमाण्डेन्ट आईटीबीपी बलजीत सिंह, असिस्टेन्ट कमाण्डेन्ट आईटीबीपी उदित नारायण भी इस विजिट में उनके साथ मौजूद थे.
कॉलेज में आयोजित एलुमनाई लेक्चर के इस कार्यक्रम में कॉलेज की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष अमित भार्गव, कॉलेज प्रिंसिपल प्रोफेसर महेन्द्र कुमार, प्रोफेसर जी .पी .शर्मा, स्पोर्ट्स ऑफिसर पूनम सिंह, प्रोफेसर बीके जैन, प्रोफेसर दिग्विजय सिंह सिकरवार, प्रोफेसर आशीष मिश्रा, प्रोफेसर शिखा जैमिनी, प्रोफेसर अनुराधा सिंह, प्रोफेसर महेश प्रसाद एवं स्पोर्ट्स, एनएसएस के विद्यार्थी प्रमुख रूप से उपस्थित थे.

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