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धमाका बड़ी खबर: सांई लक्ष्मी कन्स्ट्रक्शन कंपनी के प्रो. पवन धाकड़ वार्ड 2, 3 की सीसी सड़क के घटिया निर्माण में जुटे!, नगर की अन्य निर्माणाधीन सड़कों में भी गड़बड़ी को लेकर जिले के झन्नाटेदार एडवोकेट विजय तिवारी ने प्रमुख सचिव नप, आयुक्त, नपा सीएमओ सहित कई को थमाया नोटिस

गुरुवार, 13 अप्रैल 2023

/ by Vipin Shukla Mama
शिवपुरी। जिले के झन्नाटेदार एडवोकेट विजय तिवारी ने सदैव जनहित के विषयो पर ध्यान देते हुए जिला प्रशासन, सरकार का ध्यान आकृष्ट किया हैं। जिसमें उन्हें सफलता मिलती आई हैं। आज उन्होंने नगर के कई इलाकों में तैयार की जा रही सड़कों की गुणवत्ता और घटिया कार्य की पोल खोलते हुए प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन भोपाल, आयुक्त, मुख्य अभियंता, नपा सीएमओ को एक वैधानिक पत्र जारी कर दिया हैं। जिसमें वार्ड दो में निर्माणाधीन सीसी सड़क के घटिया निर्माण को फोकस करते हुए अन्य सड़कों पर भी सवाल खड़े किए हैं। जिसमें उन्होंने लिखा हैं की वर्तमान में नगरपालिका परिषद शिवपुरी के अंतर्गत कई वार्डों में सीमेंट कंक्रीट सड़कों का निर्माण कार्य निरंतर जारी है। उल्लेखनीय है कि, उक्त सीमेंट कंक्रीट कार्य करंट शैड्यूल रेट से 50 से 60 प्रतिशत न्यून दरों पर ठेकेदारों द्वारा निविदा डालकर उक्त सड़कों के निर्माण के ठेके प्राप्त कर सड़कों का निर्माण कार्य जारी है। ऐसा संभव ही नहीं है कि एक रूपये लागत मूल्य का कार्य ठेकेदार द्वार पचास पैसे में पूर्ण गुणवत्ता के साथ संपादित किया जा सके। विगत छः माह के भीतर नगरपालिका परिषद शिवपुरी क्षेत्रान्तर्गत जितनी सड़कों का निर्माण परिषद द्वारा कराया जा रहा है उनकी गुणवत्ता पूर्णरूपेण संदिग्ध है तथा नगरपालिका परिषद द्वारा निर्माण कराई जा रही उक्त सड़कों की गुणवत्ता की जाँच हेतु किसी स्वंतंत्र एजेसी से मटेरियल के सैम्पल लेकर उनके क्वालिटी टेस्ट होने उपरांत ही संबंधित ठेकेदारों का भुगतान आदेश होने पर निश्चित ही सड़कों की गुणवत्ता में सुधार आयेगा तथा विभाग की प्रतिष्ठा भी समाप्त होने से बच सकेगी तथा गुणवताविहीन सड़कों के संबंध में माननीय न्यायालय की शरण लेने से भी बचना संभव होगा। अधिकांश सड़कों के निर्माण कार्य में सबंधित ठेकेदारों द्वारा उक्त सडकों को निर्माण कार्य डिजाइन अनुसार ना किया जाकर नगरपालिका परिषद शिवपुरी के अधिकारियों से मिलकर अपने स्वार्थ की पूर्ति हेतु अपनी इच्छानुसार कार्य किया जा रहा है। उदाहरणार्थ सड़कों के शोल्डर में पैवर्स टाइल्स डिजायन में होने के बाद भी पैवर्स टाइल्स महंगी पड़ने के कारण उनके स्थान पर सीसी कार्य कर अपने निजी स्वार्थों की पूर्ति की जा रही है तथा अपने परिचितों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से निर्माण की जा रही नालियां सीधी रेखा में ना बनाई जाकर टेढ़ी-मेढ़ी बनायी जा रही हैं। जिसकी भी जाँच किया जाना आवश्यक है ।अतः रजिस्टर्ड वैधानिक सूचना पत्र प्रचलित कर आप सूचितगण से अनुरोध है कि उक्त निर्माणाधीन सड़क निर्माण में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं गुववत्ता की जाँच कर निर्मात्री फर्म एवं नगरपालिका परिषद शिवपुरी के संबंधित इंजीनियर एवं अधिकारियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही किये जाने की आज्ञा प्रदान की जावे।वार्ड दो पर बिंदुबार खोली हैं पोल
नगर के वार्ड दो की सड़क को लेकर एडवोकेट विजय तिवारी ने पोल खोलते हुए लिखा कि नगरपालिका परिषद शिवपुरी क्षेत्रान्तर्गत निर्माणाधीन व्ही.टी.पी. चौक से पुराने टोल टैक्स तक वार्ड क्रमांक 2, 3 में लगभग 970 मीटर लम्बाई की सी.सी. सड़क वर्तमान में निर्माणाधीन है। उक्त सड़क निर्माण कार्य का ठेका सांई लक्ष्मी कन्स्ट्रक्शन कंपनी प्रो. पवन धाकड़ द्वारा प्राप्त किया गया है। कार्यादेश अनुसार उक्त 970 मीटर लम्बाई की सी.सी. रोड 5 मीटर चौड़ाई में निर्मित किया जाना है। सड़क के पश्चात 1 मीटर चौड़ाई में शोल्डर तथा 1x1 मीटर की नाली का निर्माण भी ठेकेदार द्वारा किया जाना है । यह कि, उक्त कार्य साई लक्ष्मी कन्स्ट्रक्शन द्वारा सी.एस.आर से 31 प्रतिशत कम दर पर लिया गया है। इस प्रकार उक्त कार्य की कुल कीमत मय जी.एस.टी. लगभग एक करोड़ रूपये है। 
2. 3. यह कि, उक्त एक करोड़ की सड़क निर्माण कार्य में ठेकेदार द्वारा नगरपालिका शिवपुरी के उपयंत्री तथा अधिकारियों से सांठ-गांठ कर अत्यधिक निम्न गुणवत्ता का कार्य किया जा रहा है। उदाहरण के लिये स्पेशिफिकेशन अनुसार जी. एस. बी. वर्क अर्थात सड़क के सबसे निचले बेस जिसमें सभी साइज की गिट्टी तथा डस्ट का मिश्रण कर सड़क का बेस तैयार किया गया है। उक्त बेस की मोटाई काम्पेक्शन होने पश्चात 8" मोटाई होना चाहिये किंतु ठेकेदार द्वारा मात्र 4" मोटाई का ही जी. एस. बी. वर्क किया गया है।
यह कि जी.एस.बी. वर्क पश्चात स्पेशिफिकेशन अनुसार डी.एल.सी. वर्क होता है तथा निर्धारित मापदण्ड अनुसार जी. एस. बी. वर्क के उपर 4" मोटाई की सीमेन्ट + रेत + 20 एम.एम. गिट्टी की लेयर का निर्माण ठेकेदार द्वारा करना चाहिये, किंतु ठेकेदार द्वारा अधिकारियों से मिलीभगत कर उक्त 4" मोटाई का डी. एल. सी. कार्य गुणवत्तापूर्वक नहीं किया गया है। रेत के स्थान पर ठेकेदार द्वारा क्रेशर डस्ट का उपयोग किया जा रहा है क्योंकि रेत तथा क्रेशर डस्ट की कीमत में तीन गुना का अंतर है। जहां 500 घनफुट डस्ट 10000 /- से 11000 /- रूपये में उपलब्ध है वहीं 500 घनफुट रेत का बाजारू मूल्य 25000-30000 /- रूपये होने से अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति हेतु रेत के स्थान पर केशर डस्ट का प्रयोग किया जा रहा है। यह कि, डी.एल.सी कार्य हेतु निर्धारित मापदण्ड अनुसार केवल 20 एम.एम. गिट्टी का उपयोग होना चाहिये, किंतु ठेकेदार द्वारा डी.एल.सी. कार्य हेतु प्रत्येक साइज की गिट्टी का उपयोग किया जा रहा है तथा निर्धारित मात्रा से कम मात्रा में सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है।
जिस कारण उक्त निर्माणाधीन सड़क का भविष्य अंधकारमय है। यह कि, निर्मात्री फर्म द्वारा उचित गुणवत्तापूर्ण कार्य ना किया जाने से तथा निर्धारित मापदण्ड अनुसार सीमेंट गिट्टी एवं रेत का उपयोग ना करने से निर्माणाधीन सड़क की स्ट्रेन्थ पर्याप्त ना होने से उक्त सड़क धसकने की पूर्ण संभावना है।
यह कि, ग्वालियर, दिल्ली की ओर से आने वाले भारी वाहनों को शिवपुरी शहर में प्रवेश करने हेतु थीम रोड के अतिरिक्त उक्त सड़क ही मुख्य वैकल्पिक मार्ग है। उल्लेखनीय है कि थोक सब्जी मण्डी शिवपुरी में आने तथा वहां से जाने वाले भारी वाहन उक्त सड़क के माध्यम से ही शहर में प्रवेश एवं निकासी करते हैं उचित गुणवत्ता का कार्य ना होने से तथा भारी वाहनों के निकलने से उक्त सड़क शीघ्र क्षतिग्रस्त होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। उक्त सड़क के निकट भविष्य में क्षतिग्रस्त होने से परिषद को लगभग एक करोड़ रूपये की आर्थिक क्षति पहुंचने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
पढ़िए क्या थमाया वैधानिक पत्र
रजिस्टर्ड वैधानिक सूचना पत्र अधीन धारा 319 नगरपालिका विधान विजय तिवारी एडवोकेट, साकेत शक्तिपुरम, वार्ड क्रमांक 2 शिवपुरी
सूचक
विरूद्ध
1. प्रमुख सचिव महोदय, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल मध्यप्रदेश भोपाल (म.प्र.)
2. मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगरपालिका परिषद शिवपुरी (म. प्र. )
3. आयुक्त महोदय, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, शिवाजी नगर भोपाल
4. मुख्य अभियंता, नगरीय प्रशासन विभाग, शिवाजी नगर भोपाल (म.प्र.)
सूचितगण
विषय नगरपालिका परिषद शिवपुरी अंतर्गत वार्ड क. 2 में निर्माणाधीन सी. सी. सड़क में व्याप्त भ्रष्टाचार विषयक
 माननीय महोदय,
उपरोक्त विषयांतर्गत लेख है कि, प्रार्थी विगत 30 वर्षों से जिला एवं सत्र न्यायालय शिवपुरी में अधिवक्ता के रूप में कार्यरत होकर वरिष्ठ अधिवक्ता है । प्रार्थी द्वारा निरंतर भ्रष्टाचार के विरूद्ध लड़ाई लड़ी जाती रही है। प्रार्थी द्वारा की गई शिकायतों पर से आर्थिक अपराध ब्यूरो एवं लोकायुक्त संगठन ने कई भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किये हैं जो माननीय न्यायालयों में विचाराधीन हैं ।
यह कि, नगरपालिका परिषद शिवपुरी क्षेत्रान्तर्गत निर्माणाधीन व्ही.टी.पी. चौक से पुराने टोल टैक्स तक वार्ड क्रमांक 2, 3 में लगभग 970 मीटर लम्बाई की सी.सी. सड़क वर्तमान में निर्माणाधीन है। उक्त सड़क निर्माण कार्य का ठेका सांई लक्ष्मी कन्स्ट्रक्शन कंपनी प्रो. पवन धाकड़ द्वारा प्राप्त किया गया है। कार्यादेश अनुसार उक्त 970 मीटर लम्बाई की सी.सी. रोड 5 मीटर चौड़ाई में निर्मित किया जाना है। सड़क के पश्चात 1 मीटर चौड़ाई में शोल्डर तथा 1x1 मीटर की नाली का निर्माण भी ठेकेदार द्वारा किया जाना है । यह कि, उक्त कार्य साई लक्ष्मी कन्स्ट्रक्शन द्वारा सी.एस.आर से 31 प्रतिशत कम दर पर लिया गया है। इस प्रकार उक्त कार्य की कुल कीमत मय जी.एस.टी. लगभग एक करोड़ रूपये है। 
2. 3. यह कि, उक्त एक करोड़ की सड़क निर्माण कार्य में ठेकेदार द्वारा नगरपालिका शिवपुरी के उपयंत्री तथा अधिकारियों से सांठ-गांठ कर अत्यधिक निम्न गुणवत्ता का कार्य किया जा रहा है। उदाहरण के लिये स्पेशिफिकेशन अनुसार जी. एस. बी. वर्क अर्थात सड़क के सबसे निचले बेस जिसमें सभी साइज की गिट्टी तथा डस्ट का मिश्रण कर सड़क का बेस तैयार किया गया है। उक्त बेस की मोटाई काम्पेक्शन होने पश्चात 8" मोटाई होना चाहिये किंतु ठेकेदार द्वारा मात्र 4" मोटाई का ही जी. एस. बी. वर्क किया गया है।
यह कि जी.एस.बी. वर्क पश्चात स्पेशिफिकेशन अनुसार डी.एल.सी. वर्क होता है तथा निर्धारित मापदण्ड अनुसार जी. एस. बी. वर्क के उपर 4" मोटाई की सीमेन्ट + रेत + 20 एम.एम. गिट्टी की लेयर का निर्माण ठेकेदार द्वारा करना चाहिये, किंतु ठेकेदार द्वारा अधिकारियों से मिलीभगत कर उक्त 4" मोटाई का डी. एल. सी. कार्य गुणवत्तापूर्वक नहीं किया गया है। रेत के स्थान पर ठेकेदार द्वारा क्रेशर डस्ट का उपयोग किया जा रहा है क्योंकि रेत तथा क्रेशर डस्ट की कीमत में तीन गुना का अंतर है। जहां 500 घनफुट डस्ट 10000 /- से 11000 /- रूपये में उपलब्ध है वहीं 500 घनफुट रेत का बाजारू मूल्य 25000-30000 /- रूपये होने से अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति हेतु रेत के स्थान पर केशर डस्ट का प्रयोग किया जा रहा है। यह कि, डी.एल.सी कार्य हेतु निर्धारित मापदण्ड अनुसार केवल 20 एम.एम. गिट्टी का उपयोग होना चाहिये, किंतु ठेकेदार द्वारा डी.एल.सी. कार्य हेतु प्रत्येक साइज की गिट्टी का उपयोग किया जा रहा है तथा निर्धारित मात्रा से कम मात्रा में सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है। जिस कारण उक्त निर्माणाधीन सड़क का भविष्य अंधकारमय है। यह कि, निर्मात्री फर्म द्वारा उचित गुणवत्तापूर्ण कार्य ना किया जाने से तथा निर्धारित मापदण्ड अनुसार सीमेंट गिट्टी एवं रेत का उपयोग ना करने से निर्माणाधीन सड़क की स्ट्रेन्थ पर्याप्त ना होने से उक्त सड़क धसकने की पूर्ण संभावना है।
यह कि, ग्वालियर, दिल्ली की ओर से आने वाले भारी वाहनों को शिवपुरी शहर में प्रवेश करने हेतु थीम रोड के अतिरिक्त उक्त सड़क ही मुख्य वैकल्पिक मार्ग है। उल्लेखनीय है कि थोक सब्जी मण्डी शिवपुरी में आने तथा वहां से जाने वाले भारी वाहन उक्त सड़क के माध्यम से ही शहर में प्रवेश एवं निकासी करते हैं उचित गुणवत्ता का कार्य ना होने से तथा भारी वाहनों के निकलने से उक्त सड़क शीघ्र क्षतिग्रस्त होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। उक्त सड़क के निकट भविष्य में क्षतिग्रस्त होने से परिषद को लगभग एक करोड़ रूपये की आर्थिक क्षति पहुंचने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
7. यह कि, वर्तमान में नगरपालिका परिषद शिवपुरी के अंतर्गत कई वार्डों में सीमेंट कंक्रीट सड़कों का निर्माण कार्य निरंतर जारी है। उल्लेखनीय है कि, उक्त सीमेंट कंक्रीट कार्य करंट शैड्यूल रेट से 50 से 60 प्रतिशत न्यून दरों पर ठेकेदारों द्वारा निविदा डालकर उक्त सड़कों के निर्माण के ठेके प्राप्त कर सड़कों का निर्माण कार्य जारी है। ऐसा संभव ही नहीं है कि एक रूपये लागत मूल्य का कार्य ठेकेदार द्वार पचास पैसे में पूर्ण गुणवत्ता के साथ संपादित किया जा सके। विगत छः माह के भीतर नगरपालिका परिषद शिवपुरी क्षेत्रान्तर्गत जितनी सड़कों का निर्माण परिषद द्वारा कराया जा रहा है उनकी गुणवत्ता पूर्णरूपेण संदिग्ध है तथा नगरपालिका परिषद द्वारा निर्माण कराई जा रही उक्त सड़कों की गुणवत्ता की जाँच हेतु किसी स्वंतंत्र एजेसी से मटेरियल के सैम्पल लेकर उनके क्वालिटी टेस्ट होने उपरांत ही संबंधित ठेकेदारों का भुगतान आदेश होने पर निश्चित ही सड़कों की गुणवत्ता में सुधार आयेगा तथा विभाग की प्रतिष्ठा भी समाप्त होने से बच सकेगी तथा गुणवताविहीन सड़कों के संबंध में माननीय न्यायालय की शरण लेने से भी बचना संभव होगा। अधिकांश सड़कों के निर्माण कार्य में सबंधित ठेकेदारों द्वारा उक्त सडकों को निर्माण कार्य डिजाइन अनुसार ना किया जाकर नगरपालिका परिषद शिवपुरी के अधिकारियों से मिलकर अपने स्वार्थ की पूर्ति हेतु अपनी इच्छानुसार कार्य किया जा रहा है। उदाहरणार्थ सड़कों के शोल्डर में पैवर्स टाइल्स डिजायन में होने के बाद भी पैवर्स टाइल्स महंगी पड़ने के कारण उनके स्थान पर सीसी कार्य कर अपने निजी स्वार्थों की पूर्ति की जा रही है तथा अपने परिचितों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से निर्माण की जा रही नालियां सीधी रेखा में ना बनाई जाकर टेढ़ी-मेढ़ी बनायी जा रही हैं। जिसकी भी जाँच किया जाना आवश्यक है ।
अतः रजिस्टर्ड वैधानिक सूचना पत्र प्रचलित कर आप सूचितगण से अनुरोध है कि उक्त निर्माणाधीन सड़क निर्माण में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं गुववत्ता की जाँच कर निर्मात्री फर्म एवं नगरपालिका परिषद शिवपुरी के संबंधित इंजीनियर एवं अधिकारियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही किये जाने की आज्ञा प्रदान की जावे । इति दिनांक 10.04.2023
भवदीय
विजय तिवारी एडवोकेट भू.पू. अध्यक्ष जिला अभिभाषक संघ
प्रतिलिपि :-
शिवपुरी (म.प्र.)
1. 2. माननीय मुख्य अभियंता, नगरीय प्रशासन भोपाल (म.प्र.) मुख्य नगरपालिका अधिकारी शिवपुरी (म. प्र. )
भवदीय

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