शिवपुरी। वायरल वीडियो के आधार पर निलंबित शिक्षकों को न्याय दिलाने अधिवक्ताओं ने मोर्चा संभाल लिया हैं। बीते रोज शिवपुरी जिले के करैरा में शिक्षकों के वायरल विडियो के आधार पर उनके विरूद्ध की गई कार्यवाई के विरोध ने अब अधिवक्ताओं ने भी मोर्चा संभाल लिया है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ग्वालियर के अधिवक्ता अरविंद कल्याण सिंह वर्मा ने बताया की म.प्र. की भाजपा सरकार शिक्षकों की भ्रूण हत्या करना चाहती है। पढ़ाई के अलावा शिक्षकों से सारे काम करवाती है जो कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के विपरित है। चाहे जनगणना में ड्यूटी चाहे चुनाव कराना हो, चाहे मतगणना हो अभी पिछले दिनों प्रधानमंत्री मोदी के करहाल के कार्यक्रम में तो हमारे सम्मानीय शिक्षकों से जूते-चप्पल तक उठवा लिये गये मार्च के महीने में लाडली बहना योजना के फॉर्म शिक्षकों से भरवाने के लिये बच्चों की परिक्षायें 4 दिन बाद शुरू की गई। शायद भाजपा सरकार और उनके प्रशासनिक एजेंट यह भूल बैठे हैं कि राष्ट्र निर्माण में हमारे गुरूओं की अहम भुमिका होती है इसलिए बिना प्रारंभिक जांच किये व दुर्भावना पूर्वक महिला शिक्षक पर सरकारी फरमान थोक दिया और भाजपा नेताओं के दबाब में आकर आयुक्त ने महिला शिक्षक को आनन फानन में निलंबित भी कर दिया इससे यह स्पष्ट है कि भाजपा सरकार दबाब की राजनीति कर रही हैं और घबराई हुई है।
एडवोकेट अरविंद कल्याण सिंह वर्मा ने जानकारी देते हुए बाताया की निलबंन आदेश को माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में चुनौती दी जायेगी एवं याचिका का खर्चा भी उनके द्वारा ही उठाया जायेगा।

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