ऋषि शर्मा की रिपोर्ट
शिवपुरी। जिस तरह के आसार नजर आ रहे थे शुक्रवार को उसी अंदाज में बलारपुर माता मंदिर पर फॉरेस्ट और भक्तगण आमने सामने आ गए, जमकर लाठियां चली और पथराव हुआ। इसमें कुछ वन कर्मी सहित भक्त और महंत प्रयाग भारती घायल हो गए जिनको अस्पताल भर्ती कराना पड़ा। मंदिर प्रबंधन ने बलारी माता मंदिर पर मां बलारी के महंत और भक्तों द्वारा 24 मई से 2 जून तक शतचंडी यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इसी की तैयारी में मंदिर प्रबंधन जुटा हुआ था। मंदिर के महंत प्रयाग भारती ने शुक्रवार को एक ईंटों से भरा हुआ ट्रक मंदिर में यज्ञ शाला में बेदी निर्माण कार्य के लिए मंगवाया था लेकिन माधव नेशनल पार्क के करई गेट पर उसे रोका गया। गेट पर तैनात वन कर्मियों ने ईंटों से भरे ट्रक को अंदर नहीं जाने दिया। जब मंदिर के महंत प्रयाग भारती ने इसका विरोध किया तो दोनों के बीच झड़प हो गई। बाबाजी अस्पताल से लाइव
मंदिर के महंत प्रयाग भारती का आरोप है कि उनके व उनके शिष्य रमन भारती के साथ सुरवाया थाना पुलिस की मौजूदगी में कराई गेट के भीतर लेकर वन कर्मियों ने लाठियों से जमकर मारपीट की है। इसके बाद करई गेट के बाहर खड़े भक्त आक्रोशित हो गए। पथराव में घायल हुए वनकर्मी ओम प्रकाश तिवारी ने बताया कि भीड़ ने एकाएक पथराव शुरू कर दिया था। जिससे करीब चार से पांच वनकर्मी घायल हुए हैं।जबसे आए टाइगर तकरार तेज
वैसे तो पार्क प्रबंधन माता मंदिर को सदेव टारगेट पर रखता आया हैं लेकिन जबसे टाइगर लाए गए हैं तबसे तकरार बढ़ गई हैं। मंदिर प्रबंधन को बेदखली का डर सता रहा हैं उनकी पार्क प्रबंधन पुराना राग अलाप रहा हैं। माधव नेशनल पार्क प्रबंधन माधव नेशनल पार्क में स्थित बलारी माता मंदिर पर माता के दर्शन करने जाने वाले भक्तों के आवागमन पर रोक लगाने की बात करता आया है। इसका विरोध मंदिर के महंत द्वारा लगातार किया जा रहा था हालांकि दोनों के बीच समन्वय बैठाने के लिए मंत्री श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया और प्रशासन ने भी हस्तक्षेप किया था परंतु माधव नेशनल पार्क प्रबंधन द्वारा प्रशासन के निर्देशों की अनदेखी की जा रही हैं तो भक्त भी नए एंगिल से झगड़े पर आमादा हैं। पहले नवरात्र में ही आयोजन होता था अब यज्ञ किया जा रहा हैं।

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