Kuno National Park कूनो नेशनल पार्क में बसाए गए चीतों की सुरक्षा को लेकर मध्य प्रदेश के अधिकारी अब उत्तर प्रदेश के वन अधिकारियों के साथ बैठक करने जा रहे हैं. ग्वालियर में मंगलवार को यह बैठक होगी. इस बैठक के आयोजन की अहम वजह ये है कि कूनो पार्क से निकलकर चीते यूपी सीमा तक चले जाते हैं, पवन को उस सीमा से लाया गया था, यही कारण है की वहां के अधिकारियों को भी प्रोजेक्ट से जोड़ा जा रहा है. राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) चीतों की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को आवश्यक संसाधन भी देगा. बैठक में दोनों राज्यों के मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक, एनटीसीए के सदस्य सचिव एसपी यादव सहित कई बड़े अधिकारी मौजूद रहेंगे.
इधर 'पवन', 2 माह बाद फिर Kuno के जंगल में छोड़ा गया
श्योपुर कूनो नेशनल पार्क में कैद नर चीता पवन को 2 माह बाद एक बार फिर से खुले जंगल में छोड़ दिया गया है. नामीबिया से लाए जाने के बाद पवन को ही सबसे पहले 11 मार्च को खुले जंगल में छोड़ा गया था, लेकिन वह बार-बार कूनो की सीमा लांघकर रिहायशी इलाकों से लेकर शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क तो कभी यूपी की सीमा तक चला जाता था. यही वजह थी कि उसे ट्रैंकुलाइज कर वापस लाना पड़ा था. सुरक्षा की दृष्टि से नर चीते को 25 अप्रैल के दिन बड़े बाड़े में बंद कर दिया गया था.
चीता प्रोजेक्ट के तहत कूनो पार्क के खुले जंगल में चीतों को रिलीज करने का सिलसिला लगातार जारी है. इसी क्रम में रविवार देर शाम पार्क के बाड़े में कैद एक और चीता पवन को प्रबंधन द्वारा एक्सपर्ट की मौजूदगी में खुले जंगल में रिलीज किया गया है. अब खुले जंगल में 10 चीते मौजूद हैं.
खुले जंगल में पिछले दिनों गौरव और शौर्य से हुई टेरिटोरियल फाइट के बाद दो चीते अग्नि और वायु को वापस बाड़े में रखा गया है. कूनो के बाड़े में अब 7 चीते और एक शावक हैं. इनमें से 4 और चीतों को जल्द ओपन रेंज में छोड़ा जाएगा.कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ प्रकाश कुमार वर्मा ने बताया कि चीता पवन को फिर से खुले जंगल में रिलीज कर दिया गया है. खुले जंगल में छोड़े गए सभी चीते पूरी तरह सेहतमंद हैं. खुले जंगल में पहुंचे सभी चीतों की 24 घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है.

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