शिवपुरी। अखिल भारतीय प्रगतिशील लेखक संघ का अठारहवां राष्ट्रीय अधिवेशन पिछले दिनों जबलपुर में आयोजित हुआ। इस तीन दिवसीय अधिवेशन में अनेक साहित्यिक और वैचारिक सत्रों के अलावा संगठन का चुनाव भी संपन्न हुआ। जिसमें नगर के युवा साहित्यकार ज़ाहिद खान को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में रखा गया है। यानी वे अब प्रगतिशील लेखक संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल हैं। गौरतलब है कि लेखक ज़ाहिद ख़ान बीते ढाई दशक से प्रलेस से सक्रिय तौर पर जुड़े हुए हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अलावा वे प्रलेस राज्य कार्यकारिणी में भी सम्मिलित हैं। हिंदी—उर्दू साहित्य के प्रमुख आंदोलन, 'प्रगतिशील आंदोलन' पर उनका प्रमुख काम है। अब तक उनकी दस किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। जिनमें से दो किताबों 'तहरीक—ए—आज़ादी और तरक़्क़ीपसंद शायर' और 'रूदाद—ए—अंजुमन' का विमोचन जबलपुर अधिवेशन के अलग—अलग सत्रों में संपन्न हुआ।
लेखक ज़ाहिद ख़ान की इस उपलब्धि पर म.प्र. प्रगतिशील लेखक संघ, इप्टा, भारत ज्ञान विज्ञान समिति और म.प्र. हिंदी साहित्य सम्मेलन से जुड़े हुए साहित्यकारों, रंगकर्मियों और लेखकों प्रोफेसर पुनीत कुमार, विनय प्रकाश जैन 'नीरव', अख़लाक़ ख़ान, ओमप्रकाश शर्मा, डॉ. रामकृष्ण श्रीवास्तव, राम पंडित, हाजी यूसुफ़ कुरैशी, इशरत ग्वालियरी, राकेश टंडन, सुनील व्यास, अविनाश पांडेय, राजेन्द्र टेमक, ध्रुव उपमन्यु, युधिष्ठर रघुवंशी, राजेश ठाकुर, अमान राज, जितेन्द्र भार्गव, रहीम ख़ान, अभय प्रताप सिंह चौहान, मामा का धमाका डॉट कॉम ऑनलाइन पोर्टल के एडिटर इन चीफ विपिन शुक्ला आदि ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई और अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की हैं।

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