सुभाषपुरा थाना प्रभारी कुसुम गोयल ने बताया कि शिक्षिका ने मामला दर्ज कराने से इनकार कर दिया है। शिक्षिका अपने ट्रासंफर कराने की बात कह रही थी। इसके साथ ही मौके पर पुलिस को भेज कर पड़ताल करवाई थी लेकिन आरोपी नहीं मिला और ग्रामीणों से पूछताछ में किसी ने उसे नहीं देखा। आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला और न ही शिक्षिका ने शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस को उठाना चाहिए कड़ा कदम
इधर लोगों का कहना हैं की उक्त मामले में पुलिस को एफआईआर का इंतजार नहीं करना चाहिए बल्कि इस तरह की अमानवीय, घटिया, दुस्साहसिक घटना को अंजाम देने वाले का ग्राम में नंगा करके ही जुलूस निकालना चाहिए जिससे वह इस तरह की घटिया हरकत दोबारा न कर सके।

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