चंद्र ग्रहण समय- शरद पूर्णिमा पर 28-29 अक्तूबर की रात्रि को खंडग्रास चंद्र ग्रहण है। यह ग्रहण अश्विनी नक्षत्र मेष राशि पर लगेगा। चंद्र ग्रहण एक घंटा 19 मिनट तक दिखाई देगा।
सूतक टाइम- 28 अक्टूबर को भारत में ग्रहण की शुरुआत मध्य रात्रि 1.05 बजे से होगी और 2.24 बजे तक ग्रहण रहेगा। चंद्र ग्रहण का सूतक, ग्रहण शुरू होने, से नौ घंटे पहले से शुरू हो जाता है और ग्रहण खत्म होने के साथ सूतक खत्म होता है। सूतक शाम में 4.05 मिनट पर प्रारंभ हो जाएगा। सूतक के समय मंदिर बंद रहते हैं और पूजा-पाठ वर्जित माना गया है।
खीर नहीं रखी जाएगी - चन्द्रग्रहण के कारण इस शरद पूर्णिमा को रात में अमृत वर्षा के दौरान खीर नहीं रखी जा सकेगी।
इस समय रख सकते हैं खीर- इस बार तीस वर्ष के बाद ऐसा संयोग बना है कि शरद पूर्णिमा पर चन्द्र ग्रहण का साया रहेगा । इस कारण महालक्ष्मी पूजन नहीं हो सकेगा। साथ ही जो लोग पूर्णिमा की रात्रि को खीर बना कर रखते हैं, वो 27 अक्टूबर की रात में खीर बनाकर 28 अक्टूबर की सुबह 4:17 पर चन्द्र किरणों में रख कर शनिवार की सुबह स्नान कर भगवान श्री कृष्ण को खीर का भोग लगाकर परिवार में प्रसाद रूप में ग्रहण करें। चन्द्रग्रहण समाप्त होने के बाद खीर बनाकर रखी जा सकता है। सुबह उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करें।
ग्रहण के दौरान लोग चन्द्र देव के मंत्रों का जाप करें। सूतक काल आरंभ होने से पहले खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते या कुश डाल सकते हैं।
शरद पूर्णिमा की पूजा इस साल सूतक काल से पहले ही करनी होगी। ग्रहण के दौरान मंत्रों के जप का विशेष महत्व होता है।शरद पूर्णिम पूजा-विधि-
• इस पावन दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने का बहुत अधिक महत्व होता है। आप नहाने के पानी में गंगा जल डालकर स्नान भी कर सकते समय सभी पावन नदियों का ध्यान कर लें।
*नहाने के बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
• अगर संभव हो तो इस दिन व्रत भी रखें।
*सभी देवी- देवताओं का गंगा जल से अभिषेक करें।
*पूर्णिमा के पावन दिन भगवान विष्णु की पूजा- अर्चना का विशेष महत्व होता है।
इस दिन विष्णु भगवान के साथ माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना भी करें।
• भगवान विष्णु को भोग लगाएं। भगवान विष्णु के भोग में तुलसी को भी शामिल करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी के बिना भगवान विष्णु भोग स्वीकार नहीं करते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजो का भोग लगाया जाता है।
• भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करें।
• इस पावन दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का अधिक से अधिक ध्यान करें।
• इस दिन जरूरतमंद लोगों की मदद करें।
• अगर आपके घर के आसपास गाय है तो गाय को भोजन जरूर कराएं। गाय को भोजन कराने से कई तरह के दोषों से मुक्ति मिल जाती है।

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