शिवपुरी। कोलारस के पूर्व विधायक वीरेंद्र रघुवंशी की मेहनत आखिर रंग ले ही आई। उनकी अथक मेहनत का परिणाम ही कहेंगे कि शिवपुरी, गुना, श्योपुर जिले में कूनो नदी पर बनने वाली कूनो डैम सीरीज के 6 डैम केंद्र की नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना में सम्मिलित कर लिए गए हैं।
बता दें की बमौरी के दो डैम एवं कोलारस के दो डैम सोनपुरा एवं पवा की कैबिनेट से प्रशासकीय स्वीकृति हो चुकी है एवं छर्च के कटीला एवं विजयपुर के श्यामपुर डैम यह सभी अब केंद्र की नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना अभियान में सम्मिलित हो चुके हैं जिसमें 10% राशि मात्र मध्य प्रदेश सरकार को देना होगी एवं 90% राशि केंद्र सरकार देगी। इन डेमो का Mou अगले माह संपन्न होगा। जब mamakadhamaka.com के एडिटर इन चीफ विपिन शुक्ला ने रघुवंशी से बात की तो उन्होंने बताया की इन डेमों के बनने से 65 ग्राम बमौरी विधानसभा, 194 ग्राम कोलारस विधानसभा, 150 ग्राम पोहरी विधानसभा, 84 ग्राम शिवपुरी विधानसभा एवं 100 ग्राम विजयपुर विधानसभा के लाभान्वित होंगे, इनकी कुल लागत 6600 करोड़ है, सिंचित रकवा दो लाख 13 हजार (213000) हेक्टेयर होगा। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा की मेरी 5 वर्ष की मेहनत रंग लाई, किसान भाइयों को बहुत बधाई। इन डेमो का Mou अगले माह संपन्न होगा।
आइए देखें केंद्र सरकार की क्या तैयारी
कूनो, पार्वती-कालीसिंध नदियां जुड़ेंगी •
एमओयू अगले माह, चुनाव से पहले घोषणा संभव
नदी जोड़ो : मप्र में बनेंगे 16 बांध और बैराज, उज्जैन सहित 12 जिलों को लाभ
60 हजार करोड़ की होगी परियोजना, 90% केंद्र देगा
मप्र व राजस्थान में चम्बल और उसकी सहायक नदियों के पानी को लेकर चल रहा विवाद अब सुलझने जा रहा है। राजस्थान अपनी ईआरसीपी (ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट) में मप्र की आपत्ति दूर कर 75% डिपेंडेबिलिटी की राष्ट्रीय गाइडलाइन का पालन करने तैयार हो गया है। इसके साथ मध्य प्रदेश में पीकेसीपी (पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक प्रोजेक्ट) में गांधी सागर डेम की अपस्ट्रीम में चंबल, क्षिप्रा और गंभीर नदी पर प्रस्तावित 7 छोटे बांधों के निर्माण पर भी सहमत हो गया है।जल संसाधन विभाग के सूत्रों के मुताबिक, जनवरी के पहले सप्ताह में केंद्र, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच एक एमओयू साइन हो जाएगा। तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। एमओयू के बाद केंद्र आधिकारिक रूप से चम्बल पर नई नदी जोड़ो परियोजना की घोषणा कर सकता है। 1 चंबल पर 5 नए बांध, सबसे बड़ा उज्जैन
मप्र की सीमा में गांधी सागर डेम के अपस्ट्रीम में चंबल पर 5 नए बांध बनेंगे, एक-एक बांध क्षिप्रा और गंभीर पर बनेगा। सबसे बड़ा बांध उज्जैन के चित्तावर गांव में 200 एमसीएम जल भंडारण क्षमता का बनेगा। सोचचिरी, रामबासा, बचोरा, पदुनिया, सेवरखेरी में 6 छोटे बांध बनेंगे। कुल क्षमता 200 एमसीएम।
इन 5 जिलों को फायदा
उज्जैन, शाजापुर, आगर, मंदसौर और रतलाम जिले को फायदा होगा।
2 गुना के ना के कुंभराज में दो डेम, शाजापुर में लखुंदर नदी पर बनेगा बैराज
गुना के कुंभराज में 180 एमसीएम जल भंडारण क्षमता के दो डेम कुंभराज-1 और कुंभराज-2 बनेंगे। क्या होगा... राजस्थान को अतिरिक्त पानी देने के लिए शाजापुर में पार्वती की सहायक नदी लखुंदर पर बैराज बनेगा। 100 एमसीएम पानी कुंडालिया डेम में ट्रांसफर होगा।
3 कूनो कॉम्प्लेक्स के सभी 6 डेम भी राष्ट्रीय परियोजना में शामिल
कूनो नदी पर प्रस्तावित श्रीमंत माधवराव सिंधिया सिंचाई परियोजना के 6.6 हजार करोड़ की लागत से 6 डेम प्रस्तावित हैं। ये सभी नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना का हिस्सा होंगे। शिवपुरी-श्योपुर में आकार लेंगे।
क्या फायदा... राजस्थान के हिस्से का 100 एमसीएम पानी मप्र इस्तेमाल करेगा। बदले में इस 100 एमसीएम पानी की भरपाई पार्वती नदी के जरिए राजस्थान को की जाएगी।4 कुंडालिया के ऊपर बनेगा रंजीत सागर, यह 30 साल से अटका
कालीसिंध नदी पर कुंडालिया डेम के ऊपर 200 एमसीएम क्षमता का डेम रंजीत सागर 30 साल से प्रस्तावित है। यह कुंडालिया के फीडर का काम करेगा।
ये पानी राजस्थान का... चंबल की अपस्ट्रीम में रोके जाने वाले 400 एमसीएम पानी के बदले कुंडालिया से इतना पानी गांधी सागर में ट्रांसफर होगा। इस्तेमाल राजस्थान करेगा।
अब नदी से जुड़ेंगे सियासत के समीकरण, मप्र की 7, राजस्थान की 9 लोकसभा सीटों पर असर
इस परियोजना से मप्र व राजस्थान की 16 लोकसभा सीटों पर असर पड़ेगा। मप्र : श्योपुर-मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी-गुना, राजगढ़, उज्जैन, मंदसौर, देवास-शाजापुर। इसके अलावा राजस्थान की 9 लोकसभा सीटों पर भी असर पड़ेगा।

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