शिवपुरी। शिवपुरी न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग शिवपुरी के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद शर्मा एवं सदस्यगण श्रीमती अंजू गुप्ता, राजीव कृष्ण शर्मा द्वारा परिवादी मुंशी रावत के अधिवक्ता अजय कुमार जैन, संत रावते एडवोकेट द्वारा प्रस्तुत किये गये परिवाद को स्वीकार कर मारूति सुजुकी इंडिया प्रायवेट लिमि. हेण्ड आफिस नई दिल्ली तथा मारूति सुजुकी अधिकृत विकेता प्रेम मोटर्स व वर्कशॉप प्रेममोटर्स शिवपुरी लिंग रोड ग्वालियर के विरुद्ध आदेश पारित किया है।
संक्षेप में प्रकरण इस प्रकार है कि प्रकरण में परिवादी मुंशी रावत द्वारा मारूति कंपनी की विटारा ब्रेजा वाहन प्रेम मोटर्स शिवपुरी से कय की थी, जिसका रजिस्ट्रेशन कमांक एम.पी. 33सी/8615 है। उक्त वाहन पर परिवादी द्वारा 15140/-रुपये व्यय कर 4 वर्ष की अतिरिक्त वारंटी प्राप्त की थी। वारंटी शर्तों के अनुसार परिवादी द्वारा वाहन की सर्विस अधिकृत सर्विस सेंटर पर ही करायी जा रही थी किंतु वाहन के इंजन में निरंतर खराबिया बनी रही इस संबंध में परिवादी द्वारा मारुति सुजुकी इंडिया के अधिकृत विकेता प्रेम मोटर्स शिवपुरी तथा अधिकृत वर्कशॉप प्रेम मोटर्स ग्वालियर पर वाहन में आयी खराबियों के संबंध में बतलाया तथा कई बार अपने वाहन को ग्वालियर स्थित बर्कशॉप पर ट्यूचन कर ले गया जहां पर अनावेदक द्वारा वाहन गारंटी अवधि में होने के उपरांत भी समय समय पर वाहन सुधारने हेतु राशि ली जाकर 94,745/-रुपये की राशि अनाधिकृत रूप से प्राप्त की गई इस संबंध में मौखिक विरोध करने पर भी अनावेदक द्वारा परिवादी के वाहन में उत्पन्न हुई खराबी जो कि वारंटी अवधि में भी फिर भी अनाधिकृत रूप से राशि प्राप्त की गई इस संबंध में परिवादी द्वारा अपने अधिवक्ता अजय कुमार जैन केट के माध्यम से न्यायालय जिला उपभोक्ता आयोग शिवपुरी के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करायी थी। जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा रिकार्ड पर आये समस्त दस्तावेजों के अवलोकन व तर्को को दृष्टिगत रखते हुये मारुति सुजुकी इंडिया प्रायवेट लिमिटेड हेण्ड आफिस नई दिल्ली एवं मारुति सुजुकी अधिकृत विकेता प्रेम
मोटर्स शिवपुरी एवं अधिकृत वर्कशॉप प्रेममोटर्स शिवपुरी लिंक रोड ग्वालियर के
विरूद्ध आदेश पारित किया कि अनावेदकगण एक माह के अंदर वाहन ठीक
करने के संबंध में प्राप्त की गई राशि 94,745/-रुपये एवं वाहन को ट्यूजन
कर ले जाने में हुये व्यय की राशि 8,000/- रुपये तथा प्रकरण व्यय के लिये 5,000/-रुपये एक माह के अंदर अदा न करने पर दावा प्रस्तुति दिनांक से 6 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज अदा करने हेतु कंपनी को आदेशित किया गया है।

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