शिवपुरी। अखिल भारतीय साहित्य परिषद का सर्व भाषा साहित्यकार सम्मेलन व कार्यकर्ता मिलन समारोह दिनांक 19,20,21 दिसम्बर को भुवनेश्वर उड़ीसा में आयोजित किया जा रहा है,जिसमे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन जी भागवत व सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे,देश भर के साहित्यकार उक्त आयोजन में सम्मिलित होंगे।मध्यभारत प्रान्त के महामंत्री आशुतोष शर्मा मध्यभारत प्रान्त का नेतृत्व करेंगे।
पूरे देश के विविध भाषाओं के साहित्यकारों की उपस्थिति में साहित्यिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले विद्वानों का सम्मान व अखिल भारतीय साहित्य परिषद के देश भर के कार्यकर्ताओं का मिलन समारोह उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर में 19,20,21 को आयोजित किया जा रहा है।मध्यभारत प्रान्त के 30 कार्यकर्ता उक्त आयोजन में सहभागिता करेंगे,जिनका नेतृत्व शिवपुरी निवासी साहित्य परिषद के प्रांत महामंत्री आशुतोष शर्मा करेंगे।कार्यक्रम अपने आप मे अनूठा होने वाला है,जिसमे सरसंघचालक व सर कार्यवाह की उपस्थिति में विविध भाषाओं के साहित्यकार संगम एक ही छत के नीचे होगा।लघु भारत की संकल्पना साकार होगी।तीन दिवस देश भर के साहित्यकार एक साथ रहकर अनेकता में एकता के मंत्र को मूर्त रूप प्रदान करते हुए,विविध भाषाओं और संस्कृति को नजदीक से जानने का प्रयत्न करेंगे।अद्भुत समागम होने जा रहा है।इसी आयोजन में वर्ष भर की गतिविधियो की समीक्षा के साथ साथ आगामी आयोजनों की रूपरेखा भी तैयार की जायेगी।एक दिवस सरसंघचालक जी का मार्गदर्शन प्राप्त होगा तो एक दिन सर कार्यवाह जी का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।तीसरे दिवस देश भर से आये श्रेष्ठ साहित्यकारों का सम्मान होगा।मध्यभारत प्रान्त के 16 जिलों चारो संभागों से पहुचने वाले प्रान्त व जिला पदाधिकारी सूची केंद्र को भेजी जा चुकी है।30 चयनित कार्यकर्ता भुवनेश्वर 18 की साँय तक पहुचेंगे व 21 तक वही रुकते हुए श्रेष्ठ जनों से मार्गदर्शन प्राप्त करते हुए आगामी कार्ययोजना पर कार्य करेंगे।प्रान्त अध्यक्ष डॉ कुमार संजीव के मार्गदर्शन में प्रान्त की एक समिति व्यवस्थागत दृष्टि से बनाई गई है,जिसमे संयोजक के रूप में प्रान्त महामंत्री आशुतोष शर्मा व सह संयोजक के रूप में प्रान्त उपाध्यक्ष सुनील पांसे बैतूल और भोपाल संभागीय सह संयोजक बाबू गीतेश्वर आष्टा सीहोर को बनाया गया है।कार्यकर्ताओ के जाने से लेकर आने तक व उनकी सम्पूर्ण व्यवस्थाओं की चिंता उक्त टोली करेगी।देश भर के 500 से भी अधिक साहित्यकार व कार्यकर्ता उक्त समागम में सहभागिता करेंगे।

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