पीएम मोदी मिलने पहुंचे थे, जताया शोक
पिछले साल 5 नवंबर को पीएम मोदी (pm modi) ने डोंगरगढ़ पहुंचकर मुनि श्री का आशीर्वाद लिया था। तब उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी का आशीर्वाद पाकर धन्य महसूस कर रहा हूं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी समाधि पर भावुक हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर लिखा- "मुझे वर्षों तक उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का सम्मान मिला। मैं पिछले साल के अंत में छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में चंद्रगिरि जैन मंदिर की अपनी यात्रा को कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने पिछले साल महाराज जी के साथ समय बिताया था। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में पीएम मोदी ने कहा, 'नड्डा जी के माध्यम से मैं आप सबका अभिनंदन करता हूं। आज मैं समस्त देशवासियों की तरफ से संत शिरोमणि आचार्य श्री पूज्य विद्यासागर महाराज को श्रद्धा और आदरपूर्वक नमन करते हुए श्रद्धांजलि देता हूं। उनकी समाधि लेने की सूचना मिलने के बाद उनके अनुयायी शोक में हैं। हम सभी शोक में हैं। उन्होंने कहा, 'मेरे लिए तो यह एक व्यक्तिगत क्षति जैसा है। वर्षों तक मुझे व्यक्तिगत रूप से अनेक बार उनसे मिलने और उनका मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला है। कुछ महीने पहले ही ऐसे मन कर गया तो मैं प्रवास कार्यक्रम को बदलकर उनके पास पहुंच गया था। तब पता नहीं था कि उनसे दोबारा नहीं मिल पाऊंगा। उनके दर्शन नहीं कर पाऊंगा। ये मेरा सौभाग्य रहा है कि पिछले 50 से भी ज्यादा वर्षों से मुझे देश के गणमान्य आध्यात्मिक मूर्तों का आशीर्वाद पाने का अवसर मिला है। इसलिए मैं उस शक्ति को जानता हूं, अनुभव करता हूं।'
शिवपुरी के ख्यातनाम कवि डॉ परशुराम शुक्ल विरही से रहा नाता
आचार्य विद्यासागर जी महाराज का शिवपुरी के प्रसिद्ध साहित्यकार स्वर्गीय डॉक्टर परशुराम शुक्ल विरही से आधी शताब्दी से भी अधिक समय से गहरा रिश्ता था ब्रह्मलीन आचार्य विद्यासागर जी की ऐतिहासिक पुस्तक मू क माटी के प्रस्तावना लेखन लिखने वाले चुनिंदा विद्वानों में डॉ परशुराम शुक्ल विरही भी शामिल थे आचार्य विद्यासागर जी महाराज के ब्रह्मलीन होने के 22 दिन पूर्व डॉ विरही का स्वर्गवास हुआ है।
इंदौर को मिला सबसे अधिक समय, 10 महीने इंदौर में रहे थे
साल 2020 में जब आचार्य विद्यासागर इंदौर आए तो कोरोना की वजह से लाकडाउन लगा। इस वजह से इंदौर की जनता को गुरु का यह प्रेम मिल पाया। जैन समाजजन कहते हैं कि गुरु के प्रति अपार स्नेह की वजह से इंदौर को यह सौभाग्य मिला। इंदौर ऐसा एकमात्र शहर है जहां आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज (Acharya Vidyasagar Maharaj ) ने अपने साधु जीवन का सबसे अधिक वक्त बिताया है। 56 साल के साधु जीवन में उन्होंने 10 महीने से ज्यादा का समय इंदौर में बिताया। 19 साल के लंबे इंतजार के बाद साल 2020 में उनका आगमन अहिल्या की नगरी इंदौर में हुआ। इस दौरान इंदौर के भक्तों का सौभाग्य ऐसा जागा कि गुरु का सानिध्य 300 दिन से ज्यादा का मिल गया।
पहली फिल्म भी इंदौर में आई
आचार्य विद्यासागर महाराज (Acharya Vidyasagar Maharaj) के जीवन पर बनी फिल्म ‘अंतर्यात्री महापुरुष-द वाकिंग गॉड’ का पहला शो भी इंदौर में रखा गया। इसके बाद इसका देशव्यापी प्रदर्शन हुआ। शिरोमणि क्रिएशंस के बैनर तले निर्मित इस फिल्म का पहला शो इंदौर के कस्तूर सिनेमा में लगा। फिल्म का प्रीमियर जयपुर के प्रसिद्ध राजमंदिर सिनेमाघर में हुआ था। इंदौर में फिल्म के तीन दिन के सभी शो हाउसफुल रहे थे।
अवतरण दिवस पर मनाते हैं दिवाली
दिगंबर जैन समाज के सबसे बड़े संत आचार्य विद्यासागर महाराज का अवतरण दिवस शरद पूर्णिमा पर होता है। इस दिन को इंदौर में भक्त हर्षोल्लास से मनाते हैं। इस अवसर पर शहरभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। नेमीनगर जैन कॉलोनी में इस दिन दीपावली मनाई जाती है। कॉलोनी में आकर्षक दीप और विद्युत सज्जा कर घर के आंगन में रांगोली बनाई जाती है।
इंडिया नहीं भारत बोलो
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने इंदौर में ही आचार्य विद्यासागर महाराज से भेंट की। इस दौरान उन्होंने आचार्यश्री को श्रीफल भेंटकर उनका आशीर्वाद लिया। हिंदी और हथकरघा जैसे विषयों पर सभी ने चर्चा की। संघ प्रमुख को इंडिया नहीं, भारत बोलो की मांग वाला एक ज्ञापन सौंपा गया।
अनेक नेताओं ने जताया शोक
संत आचार्य विद्यासागर महाराज देवलोक गमन पर चले गए। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री द ग्रेट ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा समेत अन्य नेताओं ने दु:ख जताया। 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी ने सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। यादव ने कहा है कि आचार्य विद्यासागर जी का मध्य प्रदेश के प्रति विशेष स्नेह रहा है। मध्य प्रदेश वासियों को उनका भरपूर आशीर्वाद मिला। उनके सद कार्य सदैव प्रेरित करते रहेंगे। आध्यात्मिक चेतना के पुंज, विश्व वंदनीय संत शिरोमणि परमपूज्य आचार्य गुरुवर श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की संलेखना पूर्वक समाधि सम्पूर्ण जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। आचार्य जी का संयमित जीवन और विचार सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य ने कहा
पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज जी का समाधिस्थ होना सम्पूर्ण देश के लिए अपूरणीय क्षति है।
उन्होंने जीवन भर समाज की सेवा और कल्याण के लिए काम किया और उनका समर्पण हम सभी का हमेशा मार्गदर्शन करता रहेगा। उनके सभी अनुयायियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।
पूर्व खेल मंत्री सिंधिया ने किया ट्वीट
धरती के साक्षात भगवान, जिनके दर्शन मात्र से हमारा रोम रोम पुलकित हो जाता है, ऐसे जैन संत परम पूज्य आचार्य संत शिरोमणि गुरुवर श्री 108 विद्यासागर जी महाराज का #सल्लेखना पूर्वक निधन हम सभी को स्तब्ध करने वाला है।
आपका सम्पूर्ण जीवन और महान आध्यात्मिक विचार, प्रकाश स्तंभ बनकर सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।
नमोस्तु भगवन

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