*महिला हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम आज शक्तिशाली महिला संगठन की टीम ने साड़ी पहनकर खेली क्रिकेट, पहली बार पकड़ा बल्ला और लगा दिए चौके छक्के
शिवपुरी। आपने साड़ी पहनने वाली महिलाओं को देखा होगा. आपने क्रिकेट खेलने वाली महिला खिलाडियों को भी देखा होगा. लेकिन साड़ी पहनकर किसी महिला को क्रिकेट खेलते हुए शायद पहली बार देखेंगे.
दरअसल रेडियंट कॉलेज एवम दून पब्लिक स्कूल द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में अनोखे अंदाज में वूमेन क्रिकेट प्रीमियर लीग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया हैं। इसी खास अवसर पर समाज में बेहतर बदलाव के लिए जुटीं बी एन एफ सुपोषण सखी भी मैदान में उतरी। जिनकी टीम को शक्ति नाम दिया। इसी के साथ ये महिला शक्ति क्रिकेट ग्राउंड के बीचों-बीच साड़ी पहने हुए दिखती हैं. उनके माथे पर बिंदी है. पैरों में स्पोर्ट्स शूज़ और हाथों में बल्ला। इस बल्ले को घुमाते हुए वो ज़रदार छक्का मारती हैं.
टीम की कैप्टन श्रद्धा जादौन ने इस शानदार अवसर पर अपनी अभिव्यक्ति में कहा की "हर साड़ी बहुत कुछ कहती है, आपसे भी अधिक. ये आपको कभी भी फिट होने के लिए नहीं कहती, ये आपको अलग दिखना सिखाती है. चलिए इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एक अनमोल चीज़ की शुरुआत करते हैं. इस महिला दिवस से अपनी शर्तों पर जीना शुरू करते हैं." आज का ये घर में काम काजी महिलाओ को भी एक प्रेरणा देकर जाएगा की वो किसी से कम नहीं , साड़ी भारतीय संस्कृति की हिफाजत करते हुए महिलाओं को निडर बनने के लिए प्रेरणा देती हैं."
मैच के अंत तक पिच पर जमी नर्मदा शाक्य ने कहा की मेरे लिए क्रिकेट खेलना बचपन से एक सपना था आज मुझे शक्ती शाली महिला संगठन एवम वीएनएफ की सुपोषण सखी बनने के बाद मेरा ये सपना पूरा किया मुझे "साड़ी और बिंदी परफेक्ट लगती है बबिता कुर्मी ने कहा, "आप रोल मॉडल हैं. गेम में आपने बड़ा योगदान किया है." आज साडी में शक्ति टीम ने क्रिकेट खेलकर हज़ारों फेक फेमेनिस्ट के मुंह पर तमाचा है, जो हमारे आज़ाद देश की छतरी के तले पश्चिमी संस्कृति को पसंद करती है भारतीय संस्कृति विश्व में सर्वश्रेष्ठ है हम इस पर बहुत गर्व है। बीएनएफ सुपोषण सखी कमलेश कुशवाह ने कहा की , "भारतीय महिलाएं. भारतीय परंपरा. हमको अपने पारंपरिक साड़ी वाले लुक में क्रिकेट खेलकर बहुत खुशी हो रही है. भारत माता की जय।आज की नारी सब पर भारी
इन्हीं शब्दों के साथ शहर के दून पब्लिक स्कूल में महिला टूर्नामेंट का आयोजन किया गया जिसमें महिलाओं को खेल की तरफ अग्रसर होने की प्रेरणा मिली। महिलाएं किसी भी क्षेत्र में कुछ भी कर सकती हैं वह घर संभाल सकती हैं परिवार संभालती हैं बच्चों को देखती हैं, घर का काम करती हैं, बाहर का काम करती हैं इन सब के बावजूद भी वह अपने आप को हर क्षेत्र में हर काम करने के लिए सक्षम बनाती हैं। महिलाएं चाहे तो हर क्षेत्र में अपना योगदान दे सकती हैं। शक्तिशाली महिला संगठन समिति की टीम सुपोषण सखियों ने क्रिकेट खेल कर दुनिया को ये बता दिया कि गृहणी महिलाएं भी खेल के मैदान में अपने जौहर दिखा सकती हैं।दून पब्लिक स्कूल में आज महिला क्रिकेट का आयोजन किया गया जिसमें चार टीमों ने भाग लिया। शक्ति टीम पैंथर टीम ,रेडिएंट टीम ,दून टीम सभी ने अपने-अपने जौहर दिखाएं और क्रिकेट खेल कर सुपोषण सखियों ने भी अपने जोहर दिखाएं। अच्छे तरीके से क्रिकेट खेला गया और उन्हें बहुत अच्छा लगा सुपोषण सखियों का कहना है कि यदि हमेंभविष्य में भी खेलने का मौका मिलेगा तो हम जरूर खेलेंगे। आज शक्तिशाली महिला संगठन की सुपोषण साखियां ने अपने आप को बहुत ही भाग्यशाली समझा और उन्होंने शक्तिशाली महिला संगठन की टीम होने पर गर्व किया और उन्होंने आयोजन मंडल एवम बी एन एफ को भी धन्यवाद दिया।

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