शिवपुरी। नगर के 200 विवाह घर संचालन में गड़बड़ी को लेकर, पार्किंग की जगह नहीं होने, सड़क पर पार्किंग होने से जाम लगने सहित अन्य कारणों को लेकर जनहित याचिका लगाकर इन सभी नियमों के पालन के निर्देश नगर पालिका को दिलवा चुके सीनियर एडवोकेट विजय तिवारी ने प्रमुख सचिव नगरीय विकास विभाग सहित अन्य को अवमानना का नोटिस भेजा हैं क्योंकि इन सभी नियमों का कोई विवाहघर पालन तक नहीं कर रहा। भेजे गए नोटिस में चेतावनी दी हैं की लगभग दस वर्ष का समय व्यतीत होने उपरांत भी आप सूचितगण द्वारा माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्देशो का अनुपालन न कराया जाकर स्पष्ट रूप से माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना कारित की जा रही है।
अतः वैधानिक सूचना पत्र प्रचलित कर आप सूचितगण से अपेक्षा की जाती है कि नोटिस प्राप्ति के 15 दिवस के भीतर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जनहित याचिका विजय तिवारी विरूद्ध प्रमुख सचिव आदि में पारित दिशा निर्देशो का उचित अनुपालन कराकर हमें सूचित करें, अन्यथा की दशा में विवश होकर हमें आप सूचितगण के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष अवमानना याचिका प्रस्तुत करने हेतु बाध्य होना पड़ेगा। जिसके समस्त हर्जे व खर्च की जबाबदेही आप सूचितगण की होगी।
ये भेजा हैं नोटिस कीजिए एक नजर
रजिस्टर्ड नोटिस अधीन धारा 12 न्यायालय अवमानना अधिनियम के विजय तिवारी एडवोकेट, साकेत शक्तिपुरम शिवपुरी जिला शिवपुरी (म.प्र.) तहत
Date 24-04-2024
विरुद्ध
सूचक
1. प्रमुख सचिव, नगरीय विकास विभाग, बल्लभ भवन भोपाल (म.प्र.)
2. जिलाधीश महोदय, मण्डल शिवपुरी म०प्र०
3. पुलिस अधीक्षक, मण्डल शिवपुरी म०प्र०
4. मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगरपालिका परिषद शिवपुरी म०प्र०
महोदय,
हमारे द्वारा लोकहित में यह अवमानना सूचना पत्र आप सूचितगण की ओर प्रचलित किया जा रहा है, जो विथाउट प्रीज्यूडिस समझा जावे :-
सूचितगण
1. यह कि, सूचक विगत 34 वर्षों से जिला सत्र न्यायालय शिवपुरी में अधिवक्ता व्यवसाय में संलग्न है सूचक द्वारा शासकीय विभागो में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध लोकायुक्त संगठन, आर्थिक अपराध ब्यूरो आदि में कई प्रकरण दर्ज कराये गये है तथा व्यापक लोकहित से जुड़े कयी मुददो को लेकर सूचक द्वारा विभिन्न जनहित याचिकायें माननीय उच्च न्यायालय राष्ट्रीय हरित अधिकरण आदि में प्रस्तुत की गयी है।
2. यह कि, हमारे द्वारा एक जनहित याचिका कं0 4623/2014 विजय तिवारी विरुद्ध प्रमुख सचिव आदि माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर के समक्ष इस आशय की प्रस्तुत की गयी थी कि शिवपुरी नगरपालिका क्षेत्र में सैकड़ो की संख्या में मैरिज हाऊस संचालित हो रहे है तथा ऐसे समस्त मैरिज हाऊस विधि विरुद्ध तरीके से संचालित हो रहे है, उनके पास पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं है जिस कारण आम नागरिकों को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। उक्त याचिका में विवाह घरो से संबधित अन्य कई मुददे माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष रखे गये थे।
3. यह कि व्यापक लोकहित से संबधित उक्त जनहित याचिका में माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर द्वारा दिनांक 10.12.2014 को व्यापक आदेश पारित कर उक्त जनहित याचिका निस्तारित की गई थी। उक्त निर्णय अनुसार नॉन पिटीशनर कं० 4 नगरपालिका शिवपुरी को विवाह घरो के संचालन हेतु उचित नियमावली बनाने का निर्देश दिया गया था तथा यह भी निर्देश दिया गया था कि विवाह घरों के कुल क्षेत्रफल का 35 प्रतिशत भाग का उपयोग केवल वाहन पार्किंग के लिये किया जावेगा तथा 10 डेसीवल क्षमता से अधिक के ध्वनि यंत्रो का प्रयोग रात्रि दस से प्रातः छह बजे तक पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया था।
4. यह कि इसके अतिरिक्त उक्त जनहित याचिका में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा विवाह घरो से संबंधित अन्य निर्देश भी नॉन पिटीशनर्स हेतु जारी किये गये थे किन्तु आप सूचितगण द्वारा उक्त जनहित याचिका में पारित निर्देशो का अनुपालन कराने हेतु कोई प्रयास नहीं किया गया है।
5 यह कि वर्तमान में शिवपुरी नगरपालिका क्षेत्रान्तर्गत छोटे बडे सभी मिलाकर लगभग 200 विवाह घर का अवैध संचालन हो रहा है नगरपालिका परिषद शिवपुरी द्वारा बनाये गई नियमावली अनुसार 200 में से मात्र 04 विवाह घर नगरपालिका शिवपुरी में पंजीकृत है।
6. यह कि आठ-दस विवाह घरो को छोड़कर अन्य किसी विवाह घर में पार्किंग हेतु कोई जगह उपलब्ध नही है अधिकांश मैरिज गार्डन के संचालको द्वारा उनके मैरिज गार्डनस के आस पास स्थित खुली भूमि को पार्किंग दर्शाकर विवाह घरो का संचालन किया जा रहा है जो कि पूर्णतः अवैध है क्योंकि जनहित याचिका कं0 4623/2014 के पद कं० 9 के उपकमिका 2 में यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया है कि कलेक्टर महोदय द्वारा तब तक विवाह घर संचालन की अनुमति प्रदान नहीं की जावेगी जब तक उक्त विवाह घर का संचालक इस बात की लिखित में अण्डर टेकिंग प्रदान नहीं करेगा कि उसके द्वारा मैरिज गार्डन के कुल क्षेत्रफल का 35 प्रतिशत भाग का उपयोग मात्र वाहन पार्किंग के लिये किया जावेगा।
7. यह कि शिवपुरी नगरपालिका क्षेत्र में लगभग 200 विवाह घर अवैध रूप से संचालित हो रहे है उनके पास पार्किंग व्यवस्था नही है रात-रात भर 10 डेसीबल से अधिक क्षमता के ध्वनि यंत्रो का उपयोग किया जाता है उक्त ध्वनि यंत्रो के कारण हृदय रोगियों की जान पर संकट बना रहता है। नित्य प्रतिदिन लगने वाले जामो से नागरिको को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है जिस हेतु आप सूचितगण द्वारा अब तक कोई प्रयास नही किये गये है।
8. यह कि उक्त व्यापक लोकहित से संबंधित जनहित याचिका में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्देशो का अनुपालन कराये जाने का कर्तव्य आप सूचितगण का था व है। किन्तु लगभग दस वर्ष का समय व्यतीत होने उपरांत भी आप सूचितगण द्वारा माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्देशो का अनुपालन न कराया जाकर स्पष्ट रूप से माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना कारित की जा रही है।
अतः वैधानिक सूचना पत्र प्रचलित कर आप सूचितगण से अपेक्षा की जाती है कि नोटिस प्राप्ति के 15 दिवस के भीतर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जनहित याचिका विजय तिवारी विरूद्ध प्रमुख सचिव आदि में पारित दिशा निर्देशो का उचित अनुपालन कराकर हमें सूचित करें, अन्यथा की दशा में विवश होकर हमें आप सूचितगण के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष अवमानना याचिका प्रस्तुत करने हेतु बाध्य होना पड़ेगा। जिसके समस्त हर्जे व खर्च की जबाबदेही आप सूचितगण की होगी।
इस रजिस्टर्ड वैधानिक सूचना पत्र को सम्हाल कर रखें इस सूचना पत्र की एक प्रति हमारे कार्यालय में सुरक्षित है जो वक्त जरूरत यथास्थान प्रस्तुत की जावेगी।

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