शिवपुरी। हर साल 22 अप्रैल के दिन दुनियाभर में पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाये जाने का उद्देश्य लोगों के भीतर पर्यावरण के प्रति जागरुकता फैलाने और धरती को बचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रोत्साहित करना है। औद्योगिक क्रांति के बाद से कार्बन उत्सर्जन काफी बढ़ा है। इसका बुरा असर हमारी पृथ्वी पर पड़ रहा है। इसके अलावा आज के इस पूंजीवादी विकास के मॉडल ने विभिन्न स्तरों पर प्रकृति को काफी क्षति पहुंचाया है। इस कारण पृथ्वी के संरक्षण की जरूरत महसूस हुई है। ऐसे में विकास की दौड़ के साथ-साथ प्रकृति के साथ संतुलन बनाने की भूमिका भी महसूस हुई है। इस कारण पृथ्वी दिवस की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। ये कहना था रवि गोयल का जो की शासकीय प्राइमरी स्कूल बांसखेड़ी में बच्चो को जागरूक करते हुए बोल रहे थे उन्होंने कहा की शक्ति शाली महिला संगठन एवम ब्रिटानिया न्यूट्रीशन फाउंडेशन एवम जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आज धरती दिवस पर बी एन एफ के नवाचार हर पॉकेट बनेगी अब डस्टबिन के तहत शिवपुरी जिले के 22 सरकारी स्कूलों में जिनमे प्राइमरी स्कूल बांसखेड़ी, चिटोरीकलां, प्राइमरी स्कूल
चिटोरा हाई स्कूल, अमरखोआ प्राइमरी स्कूल आदि अन्य 22 स्कूल में 1150 बच्चो को धरती बचाने के लिए जागरूक किया संस्था द्वारा बच्चो को बताया गया की अगर आपके स्कूल में कूडादान नहीं है तो आप अपनी पॉकेट में कचरा रखकर अपने घर या जहा कूड़ादान हो वहा कचरा डाल दें बच्चो द्वारा इस मुहिम को बढ़ चढ़कर सपोर्ट किया एवम उन्होंने अपनी पॉकेट को कूड़ा दान बना कर इन 22 स्कूल एवम घर जाते समय रास्ते में पड़ा कूड़ा इकठ्ठा किया। बाखेड़ी स्कूल के मास्टर जय शर्मा ने कहा की आज के समय कई तरह की औद्योगिक गतिविधियों के कारण प्रकृति को काफी क्षति पहुंची है। इसका बुरा असर हमारी पृथ्वी पर पड़ रहा है। ऐसे में किन कारणों से हमारी पृथ्वी को नुकसान पहुंच रहा है।
इसी को देखते हुए हर साल अलग-अलग थीम के साथ समाज में जागरुकता फैलाने के लिए पृथ्वी दिवस को मनाया जाता है। पृथ्वी दिवस को मनाने की शुरुआत साल 1970 में हुई थी। स्कूल के एक और मास्टर राजीव शर्मा ने कहा की बी एन एफ की हर पॉकेट बनेगा डस्टबिन काफी अनोखी एवम अच्छा नवाचार है इससे एक और धरती स्वच्छ होगी एवम धरती बचेगी । प्रोग्राम में 1150 बच्चो के साथ साथ स्कूल के टीचर्स एवम शक्ति शाली महिला संगठन की पूरी टीम ने भी लिया।

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