* एक सेकड़ा मरीजों की जांच कर उनको उपचार एवम दवाइयां मिली
शिवपुरी। शिवपुरी जनपद के मानोमी खुर्द में समुदाय के बच्चो , किशोरी बालिकाओं, गर्भवती माताओं एवम गांव की अन्य माताओ को खून की कमी, सर्दी ज़ुकाम , बुखार, आंख आना, फोड़े फुंसी, दाद खाज खुजली एवम कुपोषण की जांच के लिए शक्ती शाली महिला संगठन,राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम एवम ब्रिटानिया न्यूट्रीशन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में समुदाय में एक सेकड़ा से अधिक मरीजों की जांच मेडिकल ऑफिसर आरबीएसके के डॉक्टर नीरज सुमन की टीम द्वारा की गई जिसमे के 20 बच्चो में हीमोग्लोबिन की कमी पाई गई, 23 बच्चो को दाद खाज खुजली की समस्या से ग्रसित मिली, 20 बच्चो को आंखे आने की समस्या, 10 बच्चो को क्रमीनाशक की समस्या,07 को बुखार एवम 20 बच्चो को दस्त एवम हाथ पैरों में दर्द की समस्या पाई गई। अधिक जानकारी देते हुए कार्यक्रम संयोजक रवि गोयल ने बताया कि मामोनी खुर्द में स्कूल के आदिवासी बच्चो एवम किशोरी बालिकाओं एवम बालक के लिए विशेष स्वास्थ जांच सह जागरूक्ता शिविर आयोजित हुआ जिसमे की खासतौर से डॉक्टर नीरज सुमन ने सभी की जांच की एवम एक कुपोषित बच्चे को चिन्हित किया इसके साथ डॉक्टर सुमन की टीम ने सभी को निशुल्क दवाई भी उपलब्ध कराई उन्होंने कहा की बढ़ती गर्मी में धूप से बच्चे बच्चो को भी बचाएं, पानी का अधिक सेवन करे एवम उल्टी दस्त होने पर फोरन ओ आर एस का घोल पिए जो की सबको निशुल्क वितरित किया डॉक्टर सुमन ने कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को एनीमिया के बारे में बताया गया कि कैसे उससे बचाव किया जा सकता है.साथ ही बच्चों में एनीमिया की जांच एवम एनीमिया के शिकार बच्चों को जागरूक किया इस मौके पर डॉक्टर सुमन ने बताया कि बच्चों में ज्यादातर आयरन की कमी से एनीमिया होता है. इसकी सबसे बड़ी वजह गलत खानपान है. आजकल ज्यादातर बच्चे पौष्टिक आहार नहीं लेते हैं और वह फास्ट फूड का सेवन करते हैं, जो बच्चों में एनीमिया की सबसे बड़ी वजह है. विनोद गिरी ने अभिभावकों को बताया कि शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी को एनीमिया कहा जाता है. हिमोग्लोबिन हमारे शरीर में ऑक्सीजन को ट्रांसपोर्ट करने का काम करता है. इसकी कमी से बच्चों में कमजोरी, थकावट, चिड़चिड़ापन, ग्रोथ नहीं होना, पढ़ाई में मन नहीं लगना, सफेद पड़ जाना जैसे लक्षण हैं. इससे बचाव के लिए सबसे जरूरी पौष्टिक संतुलित और आयरन युक्त आहार बच्चों को देना चाहिए संस्थान के नीतेश ओझा ने कहा की हरी सब्जियां, लाल फल में आयरन प्रचुर मात्रा में होती है. इसके अलावा अलग-अलग अनाज का भी सेवन करना चाहिए. हिमोग्लोबिन के लिए प्रोटीन की भी आवश्यकता है. ऐसे में दाल का भी सेवन करना चाहिए, गुड़, तिल, खजूर, काली किशमिश भी हिमोग्लोबिन को बढ़ाती है. बच्चों के परिजनों को चाहिए कि बच्चों को तीन वक्त पौष्टिक आहार देना चाहिए. आज आर आर बी एस के को टीम शक्तिशाली महिला संगठन की टीम द्वारा समुदाय में सबको इकठ्ठा करके उनके स्वास्थ की जांच की एवम डाक्टर द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया। जिसमें बच्चों के हिमोग्लोबिन में काफी गिरावट को देखा जा रहा है उसको ध्यान में रखते हुए उनके माता-पिता से एनीमिया से संबंधित चर्चा की गई जिससे उनके दिनचर्या में बदलाव हो और वह एनीमिया से मुक्त हो सके जिसमें टीम के सदस्यों ने और समूह की महिलाओं के साथ चर्चा की गई जिसमें बच्चों के खान-पान पर चर्चा की गई कि बच्चे किस प्रकार का भोजन प्राप्त करते हैं और उसमें आयरन युक्त भोजन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया जिससे बच्चों में हिमोग्लोबिन का प्रतिशत बड़े और बच्चे स्वस्थ और निरोग हो। इस अवसर पर डॉक्टर सुमन, समुदाय की महिलाए, किशोरी बालिकाओं, बच्चे एवम अन्य महिलाओ ने अपनी जांच कराई।

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