कोलारस। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोलारस पर विश्व मलेरिया दिवस कार्यक्रम का आयोजन डॉ पवन जैन सीएमएचओ शिवपुरी एवम् डॉ संजय ऋषीश्वर जिला मलेरिया अधिकारी के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम में डॉ सुनील खडोलिया सीबीएमओ, डॉ इन्दु जैन, डॉ विवेक शर्मा, डॉ आनंद जैन, डॉ रामकुमार गुप्ता मुख्य रूप से उपस्थित थे।
सर्वप्रथम हरगोविंद मिश्रा मलेरिया निरीक्षक द्वारा मलेरिया के प्रति जनजागरूकता का प्रचार प्रसार के उपाय सभी को बताये। उन्होंने बताया कि मलेरिया एक जानलेवा बीमारी है जो कुछ प्रकार के मच्छरों द्वारा मनुष्यों में फैलती है। इसे रोका जा सकता है और इसका इलाज किया जा सकता है। यह संक्रमण एक परजीवी के कारण होता है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है। मलेरिया का उपचार ग्राम आरोग्य केन्द्र, उपस्वास्थ्य केन्द्र, पर भी उपलब्ध है। मलेरिया सुपरवायजर दाउदयाल खेमरिया द्वारा सभी को बताया कि मलेरिया ज्यादातर संक्रमित मादा एनोफ़ेलीज़ मच्छरों के काटने से लोगों में फैलता है। हमें सदैव सावधानी बरतना चाहिये। रक्त संचार और दूषित सुइयों से भी मलेरिया फैल सकता है। शुरुआती लक्षण हल्के हो सकते हैं कई ज्वर संबंधी बीमारियों के समान और मलेरिया के रूप में पहचानना मुश्किल हो सकता है। अगर समय पर उपचार न किया जाए तो पी फाल्सीपेरम मलेरिया 24 घंटे के भीतर गंभीर बीमारी और मौत का रूप ले सकता है। डॉ सुनील खडोलिया द्वारा बताया गया कि मच्छरों से बचने के लिये कोलारस क्षेत्र में हाई रिस्क ग्रामों में मच्छरदानी का वितरण किया गया है। सोते समय मच्छरदानी का सदैव उपयोग करना चाहिये। मलेरिया के मच्छर साफ स्वच्छ पानी में पनपते हैं। घर के आसपास पानी का जमाव न होने दें। घर पर स्टोर पानी की भी सही देखभाल करें बर्तनों , पानी की टंकी को हमेशा ढंक कर रखें। बीईई हेमलता खत्री द्वारा बताया गया कि कंपकंपाती ठंड से बुखार आना मलेरिया का लक्षण है। साफ सफाई व स्वच्छता के साथ इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है। बीपीएम कोलारस रजनीश श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि कोलारस क्षेत्र में मलेरिया बीमारी से बचाव के उपाय जन जन तक पहुंचाये हैं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार किया गया है। मलेरिया की रोकथाम, पहचान व उपचार सेवाओं का वृहद् रूप से जन सामान्य तक विस्तार हुआ है। संजय जैन द्वारा मलेरिया के व्यापक प्रचार प्रसार के लिये होने वाले कार्यक्रमों पर प्रकाश डालते हुये बताया कि शिक्षा संस्थानों में मलेरिया के उन्मूलन में उन्हें सहभागी बनाने की जानकारी दी जायेगी। मलेरिया निरोधी संदेशों का व्हाट्सअप, फेसबुक के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जावेगा। तापमान में वृद्धि पर मलेरिया परजीवी तेजी से विकसित हो सकते हैं। समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार से इस बीमारी से बचा जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने मलेरिया से बचाव व जागरूकता के प्रचार प्रसार की शपथ ली। कार्यक्रम में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, अस्पताल में उपस्थित मरीजों के परिजन, पोषण पुनर्वास केन्द्र की माताये उपस्थित थीं।

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