बासुदेव अपनी प्रेमिका से शादी करना चाहता था। जबकि प्रेमिका उसके पैसों से ऐश करने के अलावा अपनी उम्र से 17 साल बड़े प्रेमी से शादी नहीं करना चाहती थी। लेकिन जब वासुदेव ने उसे बदनाम करना शुरू कर दिया तो 25 साल की प्रेमिका ने हत्या की साजिश रच डाली। पुलिस ने वासुदेव की हत्या करने वाली युवती और उसके मुंह बोले मामा को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, रातौर गांव का रहने बाला बासुदेव पुत्र इमरतलाल धाकड (42) करीब पांच साल से शहर के माधव नगर में आकर रहने लगा था। इस बीच उसकी मुलाकात माधव नगर की रहने वाली 25 साल की रामबाई धाकड़ के साथ हो गई थी।
रामबाई धाकड़ तेंदुए थाना क्षेत्र के डेहरवारा गांव की रहने थी। जो कोचिंग पर पढ़ाई के उद्देश्य से रह रही थी। इस बीच दोनों की दोस्ती हो गई। रामबाई और वासुदेव इतने करीब आ गए की रामबाई उसे अपने हाथों से शराब तक पिलाने लगी। लेकिन जब वासुदेव ने उसे बदनाम किया तो रामबाई ने उसे मौत के घाट उतरवा दिया।
फ्लैश बैक
बता दें की 26 मई को पिपरसमा अंडर ब्रिज के पास कच्ची सड़क बासुदेव धाकड़ की लाश मिली थी। उसकी हत्या चाकू मारकर बेरहमी से की गई थी। उस दिन परिजनों का आरोप था कि बासुदेव रामबाई के प्यार में इतना पागल था कि उसने घर का ट्रैक्टर रामबाई के लिए बेच दिया था। बासुदेव ने करीब चार से पांच लाख रुपए रामबाई को नगद भी दिए थे।
वह जो कमाता था। वह रामबाई पर खर्च करता था। हत्या की पूर्व रात बासुदेव ने अपने भतीजे को फोन लगाकर सूचना भी दी थी। कि वह रामबाई के साथ शराब पी रहा है और वह पैसे लेकर ही वापस लौटेगा। अगर न लौटा तो समझ लेना कि उसकी हत्या हो गई है। माना जा रहा है कि रामबाई को दिए हुए पैसे वासुदेव मांगने लगा था। वही हत्या का एक कारण निकलकर सामने आया जिसमें काफी समय गुजारने के बाद बासुदेव रामबाई के साथ शादी के सपने भी देखने लगा था, यह बात आरोपी रामबाई ने खुद स्वीकार की है। इसी के चलते रामबाई धाकड़ ने बासुदेव धाकड़ की हत्या करवा दी।
ऐसे रची हत्या की साजिश
पुलिस पूछताछ में रामबाई ने हत्या का कारण बदमानी को बताया है। रामबाई के मुताबिक बासुदेव उसे बदनाम करने लगा था साथ ही मोहल्ले में उसने उससे शादी करने की भी अफवाह फैलाना शुरू कर दिया था। इसी के चलते उसने अपने दुल्हारा गांव के रहने बाले अपने मुंह बोले मामा रूप सिंह धाकड़ के साथ 25 मई की रात उसने बासुदेव को साथ में बैठाकर शराब पिलाई। फिर एकांत में और शराब पीने की कहकर बाइक पर सवार होकर साथ गई। जहां वह उसे पिपरसमा अंडर ब्रिज के पास कच्ची सड़क पर ले गई।यहां उसका मुंह बोला मामा रूपसिंह पहले से खड़ा था और फिर तय अनुसार उसे मौत के घाट उतार दिया। बता दें इस मामले की एक ऑडियो वासुदेव और उसके भतीजे की सामने आई थी उसके कुछ ही देर बाद रामबाई और रूप सिंह ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चाकू, बाइक खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं।इनकी रही भूमिका
अंधे क़त्ल के इस खुलासे में कोतवाली प्रभारी रोहित दुबे, उप निरीक्षक सुमित शर्मा, उप निरीक्षक दीपक पालिया, उप निरीक्षक भूपेंद्र परमार, सहायक उप निरीक्षक महेंद्र कुशवाह, सउनि आविद खांन प्रआर. गजेंद्र सिंह परिहार, प्रआर नरेश यादव, प्रआर रघुवीर पाल, प्रआर, विकाश चौहान साइबर सेल प्रआर भानवती मरावी, आर. भोले सिंह राजावत, आर. अजीत सिंह, आर, भूपेन्द्र यादव आर. शिवांशु यादव, मरावी, आर. भोले सिंह राजावत, आर. अजीत सिंह, आर, भूपेन्द्र यादव आर. शिवांशु यादव, आर. अजय यादव, आर सुमित सेंगर, आर राहुल, मआर. रश्मि भार्गव, मआर. अंजली राजपूत की विशेष भूमिका रही।

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