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धमाका बड़ी खबर: MP में निजी स्कूलों की मनमानी फीस, सभी कलेक्टर्स को कार्रवाई के निर्देश, हाईकोर्ट ने जांच-कार्रवाई पर रोक लगाने से किया इंकार

गुरुवार, 30 मई 2024

/ by Vipin Shukla Mama
जबलपुर/भोपाल। मध्यप्रदेश में प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ मनमानी फीस वसूली को लेकर की जा रही कार्रवाई जारी रहेगी। हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। प्राइवेट स्कूल संचालकों ने गिरफ्तारी, जांच और कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए याचिका लगाई थी। गुरुवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस विशाल धगट ने इसे खारिज कर दिया।
हाईकोर्ट ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। जांच शुरुआती दौर में है। लिहाजा, कार्रवाई पर रोक नहीं लगाई जा सकती। हालांकि हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कार्रवाई को लेकर विस्तृत जवाब मांगा है। इस मामले में अगली सुनवाई 4 हफ्ते बाद होगी।
इधर, स्कूल शिक्षा विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के सभी कलेक्टरों को अपने जिले में प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ इस तरह कार्रवाई के आदेश दिए हैं। साथ ही, सभी स्कूलों का फीस स्ट्रक्चर और अन्य जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करने के लिए कहा है।
11 स्कूल संचालकों समेत 51 लोगों पर की थी FIR
27 मई को जबलपुर कलेक्टर ने दीपक आर्य ने 11 प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ न केवल कार्रवाई की, बल्कि 11 स्कूल संचालकों समेत 51 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई। साथ ही, ऐसे स्कूलों से अभिभावकों को 81.30 करोड़ रुपए की फीस वापस कराई गई। इन स्कूलों पर 22 लाख रुपए की पेनाल्टी भी लगाई गई है। 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया। कलेक्टर का दावा है कि 240 करोड़ की वसूली का खेल उजागर हुआ है। बुधवार को पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई को स्कूल संचालकों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। याचिका में स्कूलों की ओर से कहा गया कि एफआईआर दर्ज हो चुकी है। वो जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन पर पुलिस कार्रवाई नहीं की जाए।
बच्चों का अनहित करने जैसा अपराध
हाई कोर्ट ने कहा- स्कूलों ने अवैध रूप से अतिरिक्त फीस ही नहीं वसूली है, बल्कि बुक सेलर्स से साठगांठ कर फर्जी किताबें सिलेबस में लगाने का अपराध भी किया है, जो कि बच्चों का भी अनहित करने जैसा है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि अगर आरोपी स्कूल संचालकों और उनके गठजोड़ पर पुलिस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वो जांच को प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि पुलिस और प्रशासन को उनके स्कूलों से और भी दस्तावेज जब्त करने हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग का आदेश- पोर्टल पर दर्ज कराएं जानकारी
इधर, सरकार ने गुरुवार को सभी कलेक्टरों को जिलों में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने मध्य प्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम 2018 और नियम 2020 के प्रावधानों का पालन सख्ती से कराने के लिए कहा है। इसे लेकर वे जिले के सभी विद्यालयों की फीस और अन्य जानकारी पोर्टल पर दर्ज कराएं।
कलेक्टरों से कहा गया कि लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 20 मई को जारी पत्र में फीस और अन्य विषयों की जानकारी अशासकीय विद्यालयों से पोर्टल पर 8 जून तक जमा कराने के निर्देश जारी किए गए थे।
30 जून तक फर्जी व डुप्लीकेट पुस्तकों संबंधी अभियान चलाएं
कहा गया है कि फर्जी व डुप्लीकेट आईएसबीएन पाठ्यपुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। इसे ठीक करने के लिए 30 जून 2024 तक विशेष अभियान चलाकर जांच कराएं। चिन्हित करें कि कितने विद्यालयों द्वारा किन कारणों से ऐसी गड़बड़ी की गई है? गड़बड़ी करने वाले प्रकाशक और बुक सेलर्स के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाए। इसकी जांच रिपोर्ट भी कलेक्टरों को दी जाए।
हरदा में 9 स्कूलों पर दो-दो लाख का जुर्माना
जबलपुर के बाद हरदा कलेक्टर आदित्य सिंह ने मनमानी फीस लेने वाले 9 प्राइवेट स्कूलों पर दो-दो लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। जिले में अब तक कुल 15 निजी स्कूलों पर हो जुर्माना लगाया जा चुका है। सभी स्कूल संचालकों को 15 दिन में अतिरिक्त फीस वापस करने के निर्देश गए हैं।















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