Shivpuri शिवपुरी। नगर में एनजीटी के नियमो को कठोरता से लागू करवाने सहित जन मानस से जुड़े विषयों पर मुखर शहर के युवा एडवोकेट अभय जैन ने आज 26 जून को प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य सेवाए, भोपाल, आयुक्त, स्वास्थ्य सेवाए सहित कलेक्टर शिवपुरी को विधिक सूचना पत्र भेज दिया है। जिसमें उन्होंने शहर में संचालित प्राइवेट क्लीनिको की जांच किए जाने के साथ साथ, डॉ रितेश यादव का मेडिकल प्रैक्टिस लाइसेंस निरस्त किया करने की मांग की है। उन्होंने बताया की शहर में बिना परमिशन मेडिकल क्लिनिक संचालित हो रहे हैं। जिसका परिणाम नागरिकों को झेलना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज में पदस्थ कई डॉक्टर अपने प्राइवेट क्लिनिक संचालित कर रहे हैं लेकिन इनका उद्देश्य बेहतर स्वास्थ्य सेवा देना नही है बल्कि जनता को पहले लूटकर फिर ग्वालियर रेफ़र करना है।
शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में पदस्थ डॉ रितेश यादव द्वारा बिना सीएमएचओ शिवपुरी की परमिशन के अपना प्राइवेट क्लिनिक संचालित किया जा रहा है जो कि मध्य प्रदेश उपचारग्रह स्थापना, नियम 1997 के अंतर्गत एक अपराध है एवं जिसके लिए डॉ रितेश यादव पर जुर्माना लगाया जा सकता है एवं उनका मेडिकल लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है। यह जानकारी आरटीआई से प्राप्त हुई।
शहर के प्रबुध्द नागरिक श्री ज्ञान प्रकाश जैन पूर्व पार्षद निवासी पीली कोठी कमलागंज की तबियत ख़राब होने पर डॉ रितेश यादव के कहने पर उन्हें जिस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया और हॉस्पिटल में डीलक्स रूम लिया ताकि सुविधा से उपचार हो सके। डीलक्स रूम की हालत इतनी ख़राब थी कि कोई स्वस्थ व्यक्ति वहाँ जाकर बीमार हो जाए। हॉस्पिटल के टॉयलेट में मल सूख कर पॉट से चिपका हुआ था और पानी की कोई व्यवस्था नही थी।
नियम ये कहता हैं
मेडिकल कौंसिल रेगुलेशन 2002 के अनुसार कोई भी डॉक्टर अपने पर्चे पर या अन्य तरीके के किसी भी प्राइवेट लैब, हॉस्पिटल आदि का अनुमोदन नही करेगा या फिर मरीज को वहाँ जाने के लिए सोलिसिट नही करेगा लेकिन डॉ रितेश यादव द्वारा अपने खुद के पर्चे पर लिखा है कि वो इमरजेंसी सेवा फला हॉस्पिटल में देते हैं।यह गौर करना वाली बात है कि डॉ रितेश यादव दिन में 02:30 बजे से शाम 07:30 बजे तक अपने प्राइवेट क्लिनिक को देखते हैं और फिर ऊपर से एक हॉस्पिटल में इमरजेंसी सेवा देते हैं। क्या वे मेडिकल कॉलेज में जितना समय अपेक्षित है उतना दे रहे हैं या फिर बस खानापूर्ति हो रही है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो मेडिकल कॉलेज में चाहे कितने भी डॉक्टर बुला लें कोई फायदा नहीं होगा। एडवोकेट अभय ने कहा की
यह सारी अनियमित्ताओं को दर्शाते हुए दिनांक 26 जून को एक विधिक सूचना पत्र प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य सेवाए, भोपाल; आयुक्त, स्वास्थ्य सेवाए; कलेक्टर शिवपुरी, सीएमएचओ शिवपुरी को भेजा गया है यह मांग करते हुए कि शहर में संचालित प्राइवेट क्लीनिक की जांच हो एवं डॉ रितेश यादव का मेडिकल प्रैक्टिस लाइसेंस निरस्त किया जाय। उन्होंने कहा कि शहर में ऐसे कई प्राइवेट अस्पताल और क्लिनिक हैं जो कि नियम विरुद्ध तरीके से संचालित हैं एवं नागरिकों के स्वास्थ्य एवं संसाधन से खिलवाड़ कर रहे हैं लेकिन जिम्मेदार मौन हैं या मिले हुए हैं।

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