इन 13 सीटों में भाजपा के पास 3 सीटें थीं, कांग्रेस के पास 2, टीएमसी के पास 1, जेडीयू 1, आप 1, डीएमके 1, बीएसपी 1 और निर्दलीय के पास 3 सीटें थीं। इस उपचुनाव में भाजपा 2, कांग्रेस 4, टीमएसी 4, जेडीयू 0, आप 1, डीएमके 1, बीएसपी 0 और निर्दलीय को एक सीट मिली है। इस चुनाव में भाजपा को अयोध्या की तरह बद्रीनाथ की सीट पर भी हार का सामना करना पड़ा। अयोध्या के बाद भाजपा को यहां से हार मिली। सुप्रसिध्द हिन्दू तीर्थ बद्रीनाथ सीट भाजपा हार गई। यह सीट एक बार फिर से काँग्रेस ने जीती। यहां से कांग्रेस प्रत्याशी लखपत वुडोला ने भाजपा के राजेन्द्र भंडारी को 5 हजार से ज्यादा मतों के अंतर से हराया। उत्तराखंड की मंगलोर सीट भी कोंग्रेस जीत गई ये बीएसपी के कब्जे में थी जबकि भाजपा को सिर्फ हमीरपुर को जीतकर संतोष करना पड़ा। जो निर्दलीय के पास थी।
इधर MP में सीएम डॉ मोहन यादव एग्जाम में हुए पास
मध्यप्रदेश में भाजपा ने लोकसभा की 29 में से 29 सीट जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था। यहां लोकसभा चुनाव के समय कमलनाथ के नजदीकी कांग्रेस विधायक कमलेश शाह ने पार्टी और विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। उप चुनाव में भाजपा ने उन्ही को मैदान में उतारा। कड़े मुकाबले में वे जीतकर आने में कामयाब रहे हैं। यह उप चुनाव डॉ मोहन यादव के लिए भी परीक्षा के समान था जिसे जीतने में वे कामयाब रहे। कमलनाथ के लिए ये दूसरी हार है इसके पहले उनके बेटे नकुल नाथ लोकसभा का चुनाव हार चुके हैं।
बंगाल में दीदी का जादू बरकरार
पश्चिम बंगाल में हुए उप चुनाव के परिणाम से साफ हुआ कि वहां ममता दीदी का जादू बरकरार है। यहां चार विधानसभा सीटों पर उप चुनाव हुए थे और चारो ही सीट पर तृणमूल कॉंग्रेस के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की।
रानाघाट दक्षिण, रायगंज, बागदा और मानिकतला सीट पर भाजपा को करारी हार मिली। इस शानदार जीत से पहली टीएमसी ने लोकसभा में 29 सीट जीतकर भाजपा के बढ़त बनाने के तमाम दावों को झुठला दिया था।
तमिलनाडु में डीएमके, पंजाब में आप
तमिलनाडु में विक्र बंडी सीट को डीएमके ने जीत लिया वही पंजाब की सीट भी आप ने अपने कब्जे में रखी। पंजाब की जालंधर पश्चिम सीट पर उप चुनाव में आप विधायक शीतल आंगुराल के इस्तीफे से रिक्त हुई थी। वे लोकसभा चुनाव के समय भाजपा में शामिल हो गए थे। उप चुनाव में भाजपा ने उन्हें ही मैदान में उतारा था लेकिन उन्हें आम आदमी पार्टी प्रत्याशी मोहिंदर भगत ने हरा दिया। उन्होंने 37 हजार से अधिक मतों से जीत हासिल की।
बिहार में निर्दलीय ने मारी बाजी
बिहार के रूपौली सीट पर हुए उप चुनाव का परिणाम काफी चौकाने वाला आया। यहां से जेडीयू से विधायक रहीं बीमा भारती के आरजेडी में शामिल होने से ये सीट रिक्त हुई थी। उप चुनाव में उन्हें आरजेडी ने प्रत्याशी बनाया लेकिन वे निर्दलीय शंकर सिंह से हार गईं।

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