शिवपुरी। शहर में बीते कुछ दिनों से सनराइज कॉलेज सुर्खियों में हैं। करीब डेढ़ सौ युवाओं का आरोप है की इस कॉलेज के नाम पर डीएलएड की परीक्षा के लिए उनके साथ चीटिंग की गई हैं। मोती फीस ले ली गई और अब हम परीक्षा नहीं दे पा रहे। आज यही परेशान युवा फिजिकल थाने पहुंचे और कॉलेज प्रबंधन पर केस दर्ज करने या फीस वापस करवाने की मांग की। वे तब माने जब टी आई रजनी चौहान ने आश्वस्त किया की अगले दस दिन में कॉलेज फीस वापस देगा। हालाकि कॉलेज प्रबंधक ने कहा वे फीस वापस नहीं देंगे बल्कि थाने तो इसलिए गए की जो लोग बदनामी कर रहे उन्हीं पर केस दर्ज किया जाए। कुलमिलाकर संग्राम लंबा होने की उम्मीद हैं। आइए बताते हैं क्या हैं मामला।
दरअसल MP में डीएलएड की परीक्षाएं चल रहीं हैं इसी क्रम में डेढ़ सौ युवाओं ने सनराइज कॉलेज के नाम वाले स्थानीय ऑफिस पर फार्म भरे और फीस जमा की लेकिन जब परीक्षा आई और शामिल होने रिपोर्ट कार्ड मांगा तो जिसे फीस दी उसका मोबाइल बंद मिला। आज मंगलवार को डीएलएड के करीब 50 से अधिक छात्र-छात्रा फिजिकल थाने पर सनराइज कॉलेज प्रबंधन पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराने बैठे रहे लेकिन मामला दर्ज नहीं हो सका। इन छात्रों ने बताया की उन्होंने सतनवाड़ से संचालित सनराइज कॉलेज के फिजिकल रोड स्थित सनराइज कॉलेज के सिटी ऑफिस के जरिए सनराइज कॉलेज में डीएलएड के लिए प्रवेश लिया था। इसके एवज में 15-15 हजार दो किस्तों में कुल तीस हजार रूपए कॉलेज वाले अंकुर गुप्ता को दिए थे। 12 जुलाई से डीएलएड के एक्जाम होने थे। जब छात्र 11 जुलाई को अपना एडमिड कार्ड लेने फिजिकल रोड स्थित सनराइज कॉलेज ऑफिस पहुंचे तो उन्हें ऑफिस में ताले लटके मिले। जिस अंकुर गुप्ता ने एडमिशन किया। वह अपना मोबाइल बंद कर फरार हो गया। जब इसकी पड़ताल सनराइज़ कॉलेज के डायरेक्टर अमित पहारिया से की गई तब अमित पहारिया ने अपने कॉलेज में ऐसे किसी भी व्यक्ति के होने से साफ़ इंनकार किया। इसके बाद से डीएलएड के एक्जाम से बचिंत हुए छात्र धोखाधड़ी करने वालों पर मामला दर्ज कराने के लिए भटक रहे हैं।
कॉलेज डायरेक्टर के भाई ने की धोखाधड़ी
जिस अंकुर गुप्ता पर डीएलएड के छात्रों के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप लगे हैं। वह अंकुर गुप्ता सनराइज़ कॉलेज के डायरेक्टर अमित (गुप्ता) पहारिया का भाई हैं। लेकिन अमित गुप्ता ने दोनों भाइयों के बीच बटवारा हो जाने और उसे कॉलेज से वर्ष 2019 में ही निकाल देने की बात कही हैं। कुलमिलाकर
आज दिन भर डीएलएड के छात्र FIR की मांग को लेकर फिजिकल थाने पर डटे रहे। जहां शाम को सनराइज कॉलेज के डायरेक्टर अमित (गुप्ता) पहारिया फिजिकल थाने पहुंचे। जहां पुलिस ने दोनों पक्षों के साथ आमने-सामने बात की थी। बातचीत के बाद इस मामले में मामला दर्ज नहीं हुआ है। छात्रों सहित फिजिकल थाना प्रभारी रजनी चौहान का कहना हैं कि कॉलेज के डायरेक्टर अमित (गुप्ता) पहारिया ने 10 दिनों के भीतर छात्रों की फीस वापस करने की बात कही है। वहीं कॉलेज के डायरेक्टर अमित (गुप्ता) पहारिया ने फीस देने से साफ इनकार कर दिया है। अमित (गुप्ता) पहारिया का कहना है कि वह थाने गए थे और कालेज को बदनाम करने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे। (सुनिए पीड़ित छात्रों का क्या कहना)
हालाकि उक्त मामले में अमित गुप्ता भले ही दो भाइयों के अलग होने की स्टोरी सुनाए लेकिन आखिर किस तरह फिजिकल पर सनराइज के नाम पर ऑफिस खोलकर उनके भाई ने एडमिशन और फीस ली। अगर दोनों भाई अलग हैं तो पुलिस की मदद से कॉलेज के नाम का इस्तेमाल पहले क्यों नहीं रोका गया। अब जबकि सैकड़ों छात्रों का भविष्य खतरे में हैं तब संचालक अपना राग अलाप रहा हैं। बता दें की शिवपुरी में डीएलएड ही नहीं अन्य विषयों के डिप्लोमा को लेकर कई कॉलेज मनमानी फीस बटोरते हैं और कई तो शासन को आंख में धूल झोंक रहे हैं। इस मामले में सैकडों युवाओं के साल बरवाद करने वालों पर कठोर कारवाई होनी आवश्यक हैं। ये कोई फिल्म नहीं जिसे दो भाइयों के बिछड़ने की स्टोरी समझकर भुला दिया जाए।

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