Shivpuri शिवपुरी। "देश भर में ख्यातिनाम जिले के दो महान कवि" "डॉक्टर राम कुमार चतुर्वेदी चंचल" और "डॉक्टर परशुराम शुक्ल विरही" सदियों जिस कोठी "काव्यायन" में रहे आज उसे जिला प्रशासन ने जमीदोज कर दिया। हम बात कर रहे हैं कलारबाग थीम रोड की जहां कोठी नंबर 12 हुआ करती थी। इस कोठी में उपरोक्त दो नामी गिरामी हस्तियां निवास करती थीं। साहित्य और ज्ञान का लोहा मनवाने के चलते दोनों कवियों की खासी रसूख थी। नतीजे में जब उनकी शोहरत जिले से बाहर निकली और देश भर के साहित्य मंचों से उन्होंने शिवपुरी का नाम रोशन किया तो राष्ट्रीय स्तर के कवि नीरज जी, मुकुट बिहारी सरोज, काका हाथरसी ही नहीं बल्कि कई ख्याति प्राप्त कवि शिवपुरी आए और इसी कोठी में निवासरत दोनों कवियों से मुलाकात की। नतीजे में तत्कालीन कलेक्टर ने साहित्य का गढ़ बन चुकी इस कोठी का नाम काव्यायन रख दिया था। बाद में जब वे शिवपुरी महाविद्यालय से सेवा निवृत हुए तो उनको कोठी नंबर 12 खाली करना पड़ी। समय बदला और फिर इस कोठी को कभी किसी विभाग तो कभी किसी अन्य को एलॉट किया जाता रहा। धीरे धीरे कुछ लोगों ने इस पर कब्जा जमा लिया। नए कलेक्ट्रेट के लिए दी हाउसिंग बोर्ड को
इसी बीच जब नवीन क्लेकट्रेट का निर्माण किए जाने की कवायद हुई तो पुराने बस स्टेंड के साथ कोठी नंबर 12 को हाउसिंग बोर्ड को दे दिया गया। जिसे इन दोनों का उपयोग अपनी मर्जी से करते हुए नया कलेक्ट्रेट बनाकर देना होगा। इसी लिए साल 2018 से कब्जे में बनी इस कोठी को अब तक आए कलेक्टर या कोई एसडीएम खाली नहीं करवा सका। लेकिन आज कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी की अगुआई ने एसडीएम अनूप श्रीवास्तव, तहसीलदार सिंदार्थ भूषण, आर आई प्रमोद कुमार शर्मा ने पुलिस और दल बल के साथ उक्त कोठी को पहले कब्जा मुक्त करवाया फिर उसे हितेची से जमीदोज कर डाला।

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