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#धमाका_बड़ी_खबर: Budget 2024: 7.75 लाख की इनकम टैक्स फ्री, मोबाइल, चार्जर, कैंसर की दवाएं, सोना चांदी सस्ते, सोलर, प्लास्टिक प्रोडक्ट महंगे, वित्त मंत्री ने किए बजट में ये बड़े ऐलान

मंगलवार, 23 जुलाई 2024

/ by Vipin Shukla Mama
* कैंसर के इलाज के खर्च में अब कमी आएगी।
* मोबाइल फोन और चार्जर भी सस्ते होंगे।
* प्लास्टिक प्रोडक्ट्स के दाम में उछाल आएगा।
दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का पहला आम बजट (Union Budget 2024) पेश हो गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने 23 जुलाई को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अपना लगातार सातवां बजट पेश किया।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। जून में फिर से निर्वाचित होने के बाद यह भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का पहला बजट है।केंद्रीय बजट 2024-25 पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि "जनता ने हमारी सरकार को भारत को मजबूत विकास और सर्वांगीण समृद्धि के पथ पर ले जाने का अनूठा अवसर दिया है।" वित्त वर्ष 2025 में कुल व्यय 48.21 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है । शुद्ध कर प्राप्तियां 25.83 लाख करोड़ रुपये अनुमानित हैं। सकल बाजार उधार 14.01 लाख करोड़ रुपये अनुमानित हैं। शुद्ध बाजार उधार 11.63 लाख करोड़ रुपये अनुमानित हैं।
Budget 2024 में आम आदमी की जेब पर क्या बोझ बढ़ाया और किसमें राहत मिली आइए जानते हैं
वित्त मंत्री सीतारमण ने कई बड़े एलान किए हैं, जिनसे चीजों के दाम कम या अधिक हो सकते हैं। इस बार वित्त मंत्री ने 7 चीजों पर कस्टम ड्यूटी घटाई और 2 पर बढ़ाई है। इसका मतलब कि 7 प्रोडक्ट सस्ते और 2 महंगे हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि बजट में कौन-सी चीजें महंगी हुई हैं और कौन-सी सस्ती। 
ये हुआ सस्ता
सोना-चांदी 
कैंसर की दवाएं 
फोन और चार्जर 
इलेक्ट्रॉनिक सामान 
एक्स-रे ट्यूब
ये होगा महंगा
प्लास्टिक प्रोडक्ट
टेलीकॉम इक्विपमेंट
लेबोरेट्री कैमिकल्स
सोलर ग्लास
सुपारी
बजट के बाद इन चीजों के घटेंगे दाम
कैंसर का इलाज सस्ता होगा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कैंसर मरीजों को इलाज में बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्री ने कैंसर के मरीजों के लिए तीन और दवाओं को पूरी तरह सीमा शुल्क से मुक्त करने का एलान किया है। मेडिकल में कैंसर से जुड़ी बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं, उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है। इससे कैंसर का इलाज सस्ता होगा। 
इस त्योहार खूब खरीदिए आभूषण
वित्त मंत्री ने महिलाओं को भी बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी घटाकर 6 फीसदी कर दी है। इससे सोने और चांदी से बनने वाले गहने सस्ते हो जाएंगे। यह आभूषण के शौकीनों के लिए बड़ी राहत होगी, क्योंकि सोने और चांदी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। बजट 2024 में सोने और चांदी पर सीमा कस्टम ड्यूटी में 6% की कटौती का प्रस्ताव किया गया है। इसके अलावा, वित्त मंत्री ने प्लैटिनम पर कस्टम ड्यूटी को घटाकर 6.4% करने का भी प्रस्ताव दिया है। बजट में बेसिक कस्टम ड्यूटी 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, एग्री सेस को 5 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत कर दिया है। सरकार ने एक और बड़ा चेंज किया है। अब गोल्ड इंवेस्टर्स के लिए लॉन्ग टर्म की समय सीमा 36 महीने की जगह 24 महीने होगी। वहीं, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को 20 प्रतिशत से घटाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया गया है।
मोबाइल, चार्जर सस्ते
* वित्त मंत्री ने मोबाइल फोन, मोबाइल चार्जर, बिजली के तार, एक्सरे मशीन और सोलर सेट्स पर भी टैक्स कम किया है। उन्होंने कहा कि घरेलू उत्पादन में इजाफा हुआ है। इस कारण मोबाइल फोन, मोबाइल चार्जर पर सीमा शुल्क घटाया जाएगा। घरेलू उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने की कोशिश की जाएगी। इसकी समग्र समीक्षा की जाएगी ताकि इसे और आसान किया जा सके। 
* चमड़े से बनी वस्तुओं के साथ झींगा मछली के दाम में भी कमी आएगी।
ये हुआ महंगा
* वित्त मंत्री ने कुछ टेलिकॉम इक्विपमेंट पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को बढ़ा दिया है। पहले इन प्रोडक्ट्स पर 10 फीसदी बेसिक कस्टम ड्यूटी थी, लेकिन अब 15 फीसदी लगेगी।
* सोलर लगवाना महंगा
सरकार ने प्लास्टिक प्रोडक्ट्स पर भी कस्टम ड्यूटी बढ़ाई है। इसका मतलब है कि प्लास्टिक से बनी चीजों के दाम भी बजट के बाद बढ़ सकते हैं। सोलर सेल या फिर सोलर मॉड्यूल बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले सोलर ग्लास पर भी टैक्स बढ़ा है। इसका मतलब है कि सोलर सिस्टम लगवाना अब थोड़ा महंगा हो सकता है।
मुख्य बिंदुओं पर कीजिए गौर 
* नई कर प्रणाली के तहत टैक्स स्लैब में बदलाव
64 हजार महीने तक की कमाई टैक्स के दायरे में नहीं, नई कर प्रणाली बदलने से ऐसे होगा ₹17500 का लाभ
नई कर प्रणाली में स्टैंडर्ड डिडक्शन को 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दिया गया है। वित्त मंत्री के बजट में किए गए एलानों के बाद अगर किसी करदाता की सालाना आय 7 लाख 75 हजार रुपये तक है तो स्टैंडर्ड डिडक्शन के 75,000 रुपये घटाने के बाद उसकी आमदनी 7 लाख रुपये सालाना हो जाएगी। ऐसे में उसे कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा। इसका मतलब है अगर किसी व्यक्ति का मासिक वेतन 64000 या 64500 रुपये के आसपास है तो उसे नई कर प्रणाली में कोई आयकर चुकाने की जरूरत नहीं है। बजट से पहले की स्थिति में सालाना आमदनी 7,50,000 रुपये तक रहने पर ही करदाता को टैक्स देने से राहत मिलती थी।
* भले ही नई कर व्यवस्था में तीन लाख तक की कमाई ही टैक्स फ्री है लेकिन सात लाख तक कमाने वाले को भी टैक्स नहीं देना होता है। इसका कारण है इनकम टैक्स अधिनियम की धारा 87ए के तहत मिलने वाली छूट। धारा 87ए के अनुसार, किसी व्यक्ति की टैक्सबेल इनकम 7 लाख रुपये होने पर उसे टैक्स में छूट दी जाएगी और उसे कोई टैक्स नहीं देना होगा।
*अगर किसी करदाता की आमदनी 8 लाख 50 हजार रुपये सालाना है तो स्टैंडर्ड डिडक्शन के 75000 रुपये घटाने के बाद उसकी आमदनी 7,75,000 हजार रुपये रह जाती है। नई कर प्रणाली के तहत नई दर के अनुसार उसे आयकर के रूप में 27500 चुकानें पड़ेंगे। पुरानी दरों के आधार पर उक्त करदाता की सालाना आमदनी 8 लाख रुपये मानी जाती। ऐसे में उसे पुरानी दरों के हिसाब से उसे 35000 रुपये कर के रूप में चुकाने होते। इस तरह वित्त मंत्री के स्लैब बदलने के एलान के बाद अब करदाता को 7,500 रुपये की बचत होगी।
* पारिवारिक पेंशन पर छूट की सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये की जा रही है। वित्त मंत्री ने कहा कि इन दोनों बदलावों से चार करोड़ नौकरीपेशा और पेंशनरों को फायदा मिलेगा। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि टैक्स स्लैब में बदलाव से 10 लाख से ज्यादा वेतन पाने वालों को 17,500 रुपये की बचत होगी। नई कर प्रणाली में टैक्स स्लैब इस तरह से तैयार किया गया है।
शून्य - 3 लाख रुपये - 0
3 से 7 लाख रुपये - 5%
7 से 10 लाख रुपये - 10%
10 से 12 लाख रुपये - 15%
12 से 15 लाख रुपये - 20%
15 लाख से ज्यादा - 30% 
* म्यूच्युअल फंड्स या यूटीआई के री-पर्चेस पर अब नहीं लगेगा टीडीएस
चैरिटी के मामलों में दो अलग-अलग व्यवस्थाओं की जगह एक कर छूट व्यवस्था होगी। विभिन्न भुगतान के लिए पांच फीसदी टीडीएस की जगह दो फीसदी टीडीएस की व्यवस्था होगी। म्यूच्युअल फंड्स या यूटीआई के री-पर्चेस पर 20 फीसदी टीडीएस को वापस ले लिया गया है। म्यूचअल फंड और यूटीआई पर दो प्रतिशत कर को वापस लिया गया। ईकॉमर्स ऑपरेटर्स के लिए टीडीएस को एक फीसदी से घटाकर 0.1 फीसदी कर दिया गया है।
*पूर्वोत्तर में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की 100 शाखाएं स्थापित करेगा केंद्र
 सरकार ने मंगलवार को घोषणा की कि वह देश के पूर्वोत्तर राज्यों में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) की 100 शाखाएं स्थापित करेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 के केंद्रीय बजट में इसकी घोषणा की। आईपीपीबी में वर्तमान में करोड़ों खाते हैं और यह लाखों शाखाओं के जरिये संचालित किए जाते हैं।
* मुद्रा योजना के तहत ऋण सीमा दोगुनी यानी 20 लाख रुपये की जाएगी।
* पर्यटन क्षेत्र से जुड़े जरूरी एलान किए।
वित्त मंत्री ने पर्यटन के विकास पर केंद्र सरकार का विशेष ध्यान रहने ही बात अपने बजट भाषण में कही है। उन्होंने महाबोधि मंदिर के लिए कॉरिडोर निर्माण के एलान की बात कही है। गया के विष्णुपद मंदिर में भी कॉरिडौर बनाया जाएगा। यह काशी विश्वनाथ मंदिर के कॉरिडोर जैसे ही होंगे राजगीर भी बौद्ध और जैन श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है। राजगीर के तीर्थ क्षेत्रों का भी विकास होगा। नालंदा को भी पर्यटन केंद्र के रूप में मजबूत करने के लिए वहां विकास जाएगा।
* पीएम गरीब कल्याण योजना को 5 साल के लिए बढ़ाया गया। इससे 80 करोड़ से अधिक गरीबों को लाभ होने की बात कही।
* रोजगार, कौशल प्रशिक्षण के लिए पीएम की पांच योजनाओं के पैकेज की घोषणा। इससे पांच साल में 4 करोड़ 10 लाख युवाओं को लाभ होगा। इन योजनाओं पर दो लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अंतरिम बजट में विकसित भारत को रोडमैप को देने का वादा सरकार ने किया था।
* घरेलू संस्थानों में ₹ 10 लाख तक के उच्च शिक्षा ऋण के लिए वित्तीय सहायता।
*सरकार ने कृषि एवं उससे जुड़े विभिन्न सेक्टरों के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। केंद्र सरकार, एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए तैयार करेगी। पांच राज्यों में नए किसान क्रेडिट कार्ड जारी होंगे। नाबार्ड के जरिए किसानों की मदद होगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजूबत करने पर सरकार का फोकस रहेगा।
* विनिर्माण क्षेत्र में एमएसएमई के लिए लोन गारंटी योजना लाई जाएगी, जिसमें 100 करोड़ रुपये तक के कर्ज के लिए गारंटी की जरूरत नहीं होगी।
* बिहार में विभिन्न सड़क परियोजनाओं के लिए 26,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि सरकार बिहार में हवाईअड्डे, मेडिकल कॉलेज और खेल संबंधी बुनियादी ढांचा भी स्थापित करेगी।
* केंद्र बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए ‘पूर्वोदय' योजना भी लाएगा। * वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार हर साल एक लाख छात्रों को सीधे ई-वाउचर उपलब्ध कराएगी, जिसमें ऋण राशि का तीन प्रतिशत ब्याज अनुदान भी शामिल होगा।
* पहली बार नौकरी पाने वालों को तोहफा
सरकार की नौ प्राथमिकताओं में से एक है रोजगार और कौशल विकास। इसके तहत पहली बार नौकरी करने वालों को बड़ी मदद मिलने जा रही है। फॉर्मल सेक्टर में पहली बार नौकरी की शुरुआत करने वालों को एक महीने का वेतन दिया जाएगा। यह वेतन डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए तीन किस्तों में जारी होगा। इसकी अधिकतम राशि 15 हजार रुपये होगी। ईपीएफओ में पंजीकृत लोगों को यह मदद मिलेगी। योग्यता सीमा एक लाख रुपये प्रति माह होगी। इससे 2.10 करोड़ युवाओं को फायदा होगा।
* पीएफ में एक महीने का योगदान सरकार देगी। सरकार रोजगार में प्रवेश करने वाले 30 लाख युवाओं को भी फायदा देने जा रही है। यह फायदा भविष्य निधि यानी पीएफ में एक महीने के योगदान के रूप में होगा।
* एक करोड़ युवाओं को टॉप-500 कंपनियों में 12 महीने इंटर्नशिप और हर महीने भत्ता 
वित्त मंत्री निर्मण सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि सरकार एक करोड़ युवाओं को अगले पांच साल में टॉप-500 कंपनियों में इंटर्नशिप का मौका देगी। यह इंटर्नशिप 12 महीने की होगी। इसमें युवाओं को कारोबार के वास्तविक माहौल को जानने और अलग-अलग पेशे की चुनौतियों से रूबरू होने का मौका मिलेगा। इसके तहत युवाओं को हर महीने पांच हजार रुपये का भत्ता भी दिया जाएगा। यही नहीं, उन्हें एकमुश्त मदद के रूप में छह हजार रुपये दिए जाएंगे। कंपनियों को अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत प्रशिक्षण का खर्च और इंटर्नशिप की 10 फीसदी लागत को वहन करना होगा।
* 2% इक्वलाइजेशन लेवी को वापस लेने की घोषणा की। बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025 में नई आयकर व्यवस्था के तहत वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए मानक कटौती ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 कर दी जाएगी। 
* विदेशी कंपनियों को मिली बड़ी छूट

विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बजट में इस बार बड़ा ऐलान किया गया है। सरकार ने विदेशी कंपनियों पर लगने वाले कॉरपोरेट टैक्स रेट्स को घटाकर 35 प्रतिशत कर दिया है। बजट में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में विदेशी कंपनियों की इनकम पर लगने वाला टैक्स 40 प्रतिशत से घटाकर 35 प्रतिशत किया गया है।
इकनॉमिक सर्वे में कहा गया था कि अमेरिका और यूरोप के कई देश चीन से अपना मैन्युफैक्चरिंग यूनिट हटाने पर विचार कर रहे हैं। ऐसे में भारत उनके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है। बजट ऐलान को एक्सपर्ट इसी से जोड़कर देख रहे हैं।
आम बजट में सरकार ने नौ प्राथमिकताएं गिनाईं, ये हैं
1. खेती में उत्पादकता 
2. रोजगार और क्षमता विकास
3. समग्र मानव संसाधन विकास और सामाजिक न्याय 
4. विनिर्माण और सेवाएं 
5. शहरी विकास
6. ऊर्जा सुरक्षा
7. अधोसरंचना
8. नवाचार, शोध और विकास
9. अगली पीढ़ी के सुधार।
बजट की इस बात पर कांग्रेस जता रही खुशी
Budget 2024: पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘मुझे यह जानकर खुशी हुई कि माननीय वित्त मंत्री ने चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस का लोकसभा 2024 का घोषणापत्र पढ़ा है। मुझे इस बात की भी खुशी है कि उन्होंने कांग्रेस घोषणापत्र के पृष्ठ 30 पर उल्लिखित रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन (ईएलआई) को वस्तुतः अपना लिया है।’ कांग्रेस ने हाल में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के लिए जारी अपने घोषणापत्र में प्रशिक्षुता के अधिकार का वादा किया था जिसके तहत उसने डिप्लोमा एवं डिग्रीधारक बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण के साथ एक साल तक हर महीने 8500 रुपये देने का वादा किया था। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को ‘पहली नौकरी पक्की’ नाम भी दिया था।
*राजनीति और अर्थनीति में अद्भुत संतुलन लिए हुए विकासोन्मुख बजट : प्रहलाद भारती
  केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा आज पेश किए गए केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व विधायक प्रहलाद भारती ने कहा है कि यह केंद्रीय बजट मैन्युफैक्चरिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर, एग्रीकल्चर और मिडिल क्लास को सामर्थ्य देने वाला बजट है। पूर्व विधायक प्रहलाद भारती का कहना है कि किसी भी बजट को समग्रता में देखा जाना चाहिए। समग्र दृष्टिकोण से देखने पर ध्यान में आता है कि आज लोकसभा में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया यह बजट बहुत ही व्यवहारिक, तार्किक, विकासोन्मुख और भविष्योन्मुखी बजट है। बजट राजनीति और अर्थनीति में अद्भुत संतुलन लिए हुए है। मांग, खपत और रोजगार बढ़ाने वाला बजट है। जिस अर्थव्यवस्था में मांग, खपत और रोजगार बढ़ने की निश्चितता होती है वहां फायदेमंद और सुरक्षित निवेश विकल्प उपलब्ध होने से निवेश बढ़ने की स्वाभाविक संभावना होती है।  केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए इस बजट में सबसे ज्यादा ध्यान कृषि योजनाओं पर दिया गया है। 1.52 लाख करोड़ का प्रावधान कृषि क्षेत्र के लिए किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 03 करोड़ नए घर देने का प्रावधान किया गया है। 01 करोड़ घरों के लिए पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का प्रावधान किया गया है। मोबाइल, सोना, चांदी, ज्वेलरी और कैंसर के इलाज को सस्ता करने के प्रावधान बजट में किए गए हैं। देश के नौजवानों के लिए शिक्षा, स्किल और रोजगार के स्केल को बढ़ाने के कई महत्वपूर्ण प्रावधान बजट में किए गए हैं। 01 करोड़ नौजवानों को देश की टॉप 500 कंपनियों में इंटर्नशिप मिलेगा और फिर वो रोजगार में परिवर्तित हो जाएगा। एंप्लॉयमेंट लिंक इंसेंटिव स्कीम की घोषणा की है, करोड़ों रोजगार बनेंगे, पहली नौकरी पाने वाले युवा की पहली सैलरी सरकार देगी। हर गांव, हर घर एंटरप्रेन्योर बनाना है इसलिए स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम के लिए बजट में कई बड़ी संभावनाएं निर्मित की गईं हैं। देश के नौजवानों को रोजगार योग्य बनाने, उनके स्किल डेवलपमेंट और एजुकेशनल ट्रेनिंग पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है. नए टैक्स स्लैब में टैक्स पर केंद्र सरकार द्वारा महत्वपूर्ण रियायत दी गई है। एम.एस.एम.ई. सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए बजट में आर्थिक प्रावधान किए गए हैं, क्योंकि यह देश की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र है. गैर-कृषि क्षेत्र में जो रोजगार हैं, उसमें तीन-चौथाई हिस्सा एमएसएमई का है। कुल मिलाकर बजट विकसित भारत के निर्माण और विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के निर्माण में एक उत्प्रेरक की भूमिका निभाने वाला महत्वाकांक्षी बजट है।

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