कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी को लगी उन्होंने तत्काल स्थिति की जानकारी ली और एसडीएम को निर्देश दिए। फिर क्या था तत्काल सभी ग्रामो में डोंडी पिटवाई गई और सभी को सूचित किया गया कि जल स्तर बढ़ सकता है। सभी ऊपरी स्थानो पर रहें और नदी एवं आसपास जलभराव वाले स्थानो से दूर रहें। इसी के साथ पोहरी के एसडीएम द्वारा भी निरीक्षण किया गया। हालाकि अच्छी बात ये रही की दोपहर 3 बजे के बाद पानी का जल स्तर कम होने लगा था। राजस्थान के सीमा से लगी तहसील देवरी के तहसीलदार से भी संपर्क किया गया और तहसीलदार द्वारा बताया गया कि स्थिति सामान्य है। वर्तमान समय में जल स्तर कम है तथा स्थिति भी सामान्य है लेकिन उल्लेखनीय ये हैं की बाढ़, आपदा की स्थिति से निपटने की तैयारी इस बार पूरी तरह चाक चौबंद दिखाई दे रही हैं। चाहे कोलारस के गोरा टीला पर लोगों के सिंध में फसने की बात हो या 12 लोगों के भडीता रपटे पर फसने का मामला, या पोहरी के मंदिर पर शिवपुरी के कमलागंज के लोगों का फसने का मामला, या फिर उत्तराखंड लैंड स्लाइड का मामला इन सभी मामलों में केंद्रीय मंत्री द ग्रेट ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ साथ जिला कलेक्टर रवींद्र कुमार और एसपी अमन सिंह के साथ उनकी टीम, एसडीआरएफ ने कमाल कर दिखाया हैं।

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