1. दिनांक 11.09.23 को अतिथि व्याख्याता महापंचायत में की गई घोषणाओं को अवर सचिव मा. मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेश दिनांक 14.09.2023 अनुसार अक्षरशः पूर्ण कर भविष्य सुरक्षित किया जावे। 2. ट्रांसफर / प्रतिनियुक्ति / संविलियन से नियमित व्याख्याता जिस स्थान से आया है। वहां अतिथि व्याख्याता को फॉलेन आउट न करते हुए, अतिथि व्याख्याता को पदस्थ कर ट्रांसफर पॉलिसी बनाई जावे।
3. मध्यप्रदेश शासन के आदेश क्रमांक F-1-6/2020/42-1 भोपाल दि. 08.11.2023 में कंडिका न. 05 में आदेश क्र. F-1/30/2018/42- 1 भोपाल दिनांक 06.10.2018 के अनुसार "संस्था स्तर पर चयनित' अतिथि व्याख्याता एआईसीटीई मापदंडों को पूरा करते हुए भारत सरकार एवं राज्य सरकार राजपत्र (गजट) में प्रकाशित "पाठ्यक्रम" और 'पद" के अनुरूप कई वर्षों से कार्यरत अनुभवी वरिष्ठ अतिथि व्याख्याता है। इसके बाबजूद "एकीकृत पोर्टल प्रक्रिया" 27.01.2022 से चयनित फ्रेशर और कम अनुभव प्राप्त अतिथि व्याख्याताओं को एक जैसे पद के लिए उच्च श्रेणी वरीयता प्रदान की गई है। जोकि प्रशासनिक और संविधानिक न्याय की दृष्टि से पूर्णतः अनुचित एवं अन्याय पूर्ण है। अतः 'संस्था स्तर पर चयनित" और "एकीकृत पोर्टल प्रणाली से चयनित" अतिथि व्याख्याताओं की "अनुभव के आधार पर वरिष्ठता सूची जारी की जावे।
4. "तकनीकी शिक्षा विभाग" के शास. 69 पॉलीटेक्निक एवं 05 इंजीनियरिंग कॉलेज में कार्यरत लगभग 1500 अतिथि व्याख्याताओं को "उच्च शिक्षा विभाग" के अतिथि विद्वानों की भांति 11 माह मानदेय न देते हुए, महापंचायत में घोषणा अनुसार 12 माह "मासिक वेतन" दिया जावे।
क्योंकि 1 माह विश्राम आदेश के दौरान विभागीय कार्य जैसे सैदांतिक परीक्षा, प्रायोगिक परीक्षा, मूल्यांकन कार्य, प्रवेश प्रक्रिया एवं शासन की योजनाओं के क्रियान्वन हेतु अतिथि व्याख्याताओं की आवश्यकता हमेशा रहती है। जिसका विश्विद्यालय द्वारा अल्प मांनदेय दिया जाता है। अतः इस कारण से 12 माह भुगतान देना न्योचित है।ज्ञापन के माध्यम से तकनीकी शिक्षा संघ द्वारा मंत्री महोदय से मांग की है कि तकनीकी शिक्षा विभाग के शास. 69 पॉलीटेक्निक और 05 इंजीनियरिंग कॉलेजों में कार्यरत लगभग 1500 अतिथि व्याख्याताओं की आर्थिक स्थिति और आश्रित परिवारों के प्रति दया दृष्टि, पारिवारिक आजीविका एवं मानवीय संवेदना को सर्वोपरि रखते हुए, समस्या का समाधान करने की मांग की गई।

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