* पूजा में 50 किलो चांदी के बर्तन
Gwalior ग्वालियर। देश भर में भगवान श्री कृष्ण जन्माष्टमी सोमवार को धूमधाम से मनाई जा रही हैं। लोगों ने व्रत उपवास रखकर सुबह से भगवान के दर्शनों की शुरुआत कर दी हैं। इसी क्रम में ग्वालियर के गोपाल मंदिर में श्रीराधा-कृष्ण को 100 करोड़ से ज्यादा की ज्वेलरी पहनाई जाएगी। इन आभूषणों में बेशकीमती रत्न हीरा, पन्ना, माणिक, मोती, पुखराज और नीलम जड़े हैं। ज्वेलरी 150 साल से ज्यादा पुराने सिंधिया रियासतकाल की है।
हर साल इस जेवर को कड़ी सुरक्षा के बीच बैंक लॉकर से निकाला जाता है। इनमें सात लड़ियों का हार, कंगन, बाजूबंद, मोतियों की माला, स्वर्ण मुकुट शामिल हैं। इनकी सुरक्षा के लिए 200 जवान तैनात रहेंगे। 50 से ज्यादा CCTV से भी निगरानी रखी जाएगी।
गोपाल मंदिर की स्थापना साल 1921 में ग्वालियर रियासत के तत्कालीन शासक माधवराव सिंधिया प्रथम ने की थी। उन्होंने भगवान की पूजा के लिए चांदी के बर्तन और रत्न जड़ित सोने के आभूषण बनवाए थे। इनमें राधा-कृष्ण के 55 पन्ना जड़ित सात लड़ी का हार, सोने की बांसुरी जिस पर हीरे और माणिक लगे हैं। सोने की नथ, जंजीर और पूजा के लिए चांदी के बर्तन हैं। आजादी से पहले तक भगवान इन जेवरों धारण किए रहते थे, लेकिन बाद में गहने लॉकर में रखवा दिए गए। साल 2007 में इसकी देखरेख का जिम्मा नगर निगम को सौंपा गया। तब से हर साल जन्माष्टमी पर इन्हें लॉकर से निकाला जाने लगा। हर साल भगवान को यही गहने पहनाए जाते हैं।

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