यह हवेली पुरानी शिवपुरी के बड़ा बाजार कमलीगर मोहल्ले में स्थित है। बुधवार रात जर्जर होने की वजह से हवेली की करीब 40 फीट की दीवार गिर गई। हवेली के पास रहने वाले अजमत अली बताते हैं कि जावेद अख्तर के दादा मुख़्तर खैराबादी ग्वालियर स्टेट में जज थे। 1942 के दौर में वह इसी हवेली में अपने बेटे जां निसार अख़्तर के साथ रहते थे। 1945 में जावेद अख्तर का जन्म हुआ था। तीन साल बाद उनका परिवार ग्वालियर चला गया था। इसके वाद ग्वालियर फिर भोपाल रहे थे। तीन महीने पहले जावेद अख्तर से उनकी फोन पर बात भी हुई थी। उन्होंने अपनी जन्म स्थली के बारे में चर्चा भी की थी।

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