"मैंने हरिहर मंदिर पर बात की, उन्होंने हरमंदिर साहेब समझ लिया"
जान से मारने की धमकी को लेकर मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में कही। उन्होंने अपनी पदयात्रा से लेकर जान से मिली धमकी को लेकर बात की, कहा कि संभल के हरिहर मंदिर के बयान को समझने में उन्हें कुछ भेद हो गया, उन्हें एक बार फिर से मेरे बयान को सुनना चाहिए। वीडियो के माध्यम से हमें भी खबर मिली है। कोई जत्थे के सरदार श्री परवाना जी हैं। उन्होंने हमारे वीडियो के अर्थ को अनर्थ समझा। मैंने पदयात्रा के मध्य में उत्तर प्रदेश के संभल में जो जामा मस्जिद के लिए कोर्ट में अभी मुकदमा चल रहा है, एएसआई सर्वे भी हुआ। सर्वे के तहत हरिहर मंदिर के प्राचीन लेख और इतिहास मिले... इस संबंध में बयान दिया था। मैंने कहा था- यदि कोर्ट अपना आदेश निकालेगी तो हम सब महात्मा वहां जाकर प्राण-प्रतिष्ठा और अभिषेक करेंगे। पंजाब के परवाना जी ने जान से मारने की धमकी दी है। सरदार हमारे, सिख हमारे भाई हैं। हमारा परिवार है। उनकी तालियां, गालियां, धमकियां, उनका प्यार सब हमें स्वीकार है। उनको समझने में थोड़ा सा भेद हो गया, इसलिए उन्होंने इस प्रकार के शब्दों को बोला है। हम नहीं चाहते कि हिंदू और सिख दो अलग-अलग हो जाएं, क्योंकि हर मंदिर साहब के प्रति हमारी स्वयं की निष्ठा है।
हम स्वयं गुरुओं की पावन नगरी अमृतसर जाएंगे। परवाना जी हमारे अपने हैं। सिख धर्म के सब हमारे अपने हैं। परवाना जी ने जो भी कहा है, उनसे भूल हुई है। एक बार हमारे बयान को फिर से सुनें। यह संभल के हरिहर मंदिर को लेकर चर्चा थी, न कि हर मंदिर साहेब...। हरमंदिर साहेब... हमारे आदर्श हैं, गुरुग्रंथ साहब के प्रति हमारी अपार श्रद्धा है, बाकी कानून अपने हिसाब से देख रहा है।
भारत के संविधान में हिंदुत्व के लिए एक बार और हो जाएगा तो कोई बड़ी बात नहीं
भारत के संविधान में 125 से ज्यादा बार संशोधन हो चुका है। हिंदुत्व के लिए एक बार और हो जाएगा तो कोई बड़ी बात नहीं है। आधार हमारा एक है। भेदभाव मुक्त करना, जातपात मुक्त करना। लोगों के दिल में तलवार से नहीं विचारों से परिवर्तन आए। सनातन के प्रति सतर्क हों। अपनी आवाज को बुलंद करके धर्म विरोधियों को प्रति उत्तर देने की समर्थता रखें। इस आधार पर हम हिंदू राष्ट्र बनाएंगे। ये बात उन्होंने तब कही जब उनसे पूछा कि "आपकी मांग है कि संविधान में संशोधन कर भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए। जब उनसे पूछा गया कि हिंदू राष्ट्र बन गया गया तो इसमें जातियों का क्या स्थान होगा।
तब उन्होंने कहा कि जातियां होंगी, पर जातिवाद नहीं होगा। हिंदू एक होगा, जातियों का सही स्थान होगा। एक मीडिया साथी ने पूछा कि हिंदू राष्ट्र के लिए राजनीति में उतरना पड़े तो आप तैयार हैं। इस पर शास्त्री जी ने कहा बिल्कुल भी नहीं, क्यों उतरूंगा।
जरूरी थोड़ी है कि ऊपर से नीचे आना पड़े। कई ऐसे लोग हैं, जिन्होंने राजनीति में आए बिना भी काम किया है। बिना राजनीति में आए यह कार्य करूंगा।
जब उनसे मीडिया ने पूछा शंकराचार्य जी ने कहा है कि आप जो हिंदुओं को जोड़ने की बात कर रहे हैं। राजनीतिक लोगों ने आपका इस्तेमाल किया है, तो शास्त्री जी बोले, वे हमारे आदर्श हैं। शंकराचार्यों पर हम कोई टिप्पणी नहीं कर सकते हैं। वे सनातन संस्कृति के आचार्य हैं। उन्हें कहने का पूरा अधिकार है। हमें यह अधिकार नहीं है। हमारा इस्तेमाल हमारे घरवाले नहीं कर पाए तो राजनेता क्या खाक करेंगे।
जब मीडिया ने पूछा 1947 के चुनाव में 90 फीसदी मुस्लिमों ने मुस्लिम लीग को समर्थन किया था, तब हिंदू राष्ट्र घोषित नहीं करना क्या बड़ी भूल थी। इस के जवाब में बोले, राजनीति पर टिप्पणी करना, मेरे समझ से सही नहीं है। 1947 में मैं तो था नहीं। होते जो हम जरूर मांग करते। सत्ता में होते तो घोषित करते। पिछली बातें करेंगे तो हम अपनी बातों को सिर्फ फैलाएंगे। वर्तमान समय में जो घटना घटी हैं, चाहे वह बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की बात हो, बहराइच, बरेली की घटना, मेवात, मणिपुर, राजस्थान के कन्हैयाला की घटना हो, 8 साल के बच्चे आर्दश हेमराज की घटना हो, रामचरित मानस को बीच सड़क पर जलाया जाना हो या फिर पालघर में संतों को मारने की घटना हो... इससे सिद्ध होता है कि विशेष वर्ग के लोग हिंदुओं को टारगेट कर रहे हैं और हिंदू आपस में बंटकर मर रहे हैं, इसलिए हिंदू राष्ट्र होना जरूरी है। आज नहीं अभी जरूरी है।
एक ओर सवाल, अजमेर शरीफ में मंदिर के अवशेष मिलने की बात सामने आ रही है, इस पर उन्होंने कहा, कोर्ट, मंदिर बनाने का आदेश दे दे तो वहां भी रामलाल जैसा भव्य मंदिर बन जाएगा। जब पूछा कि आप कहते हैं हिंदू तर्कशील नहीं है। तो बोले, मैं इसलिए कहता हूं कि जब मुझसे देश या विदेश में इसे लेकर सवाल किए जाते हैं तो वो मुझसे मुंहकी खाते हैं। कारण मेरे गुरुओं ने मुझे जो सिखाया है, मैं उससे उन्हें मुंह तोड़ जवाब देता हूं। मुसलमान को कुरान का ज्ञान, ईसाई को बाइबिल का ज्ञान, मुसलमान शुक्रवार को मस्जिद जाना नहीं छोड़ता, ईसाई रविवार को प्रेयर करना नहीं छोड़ता। हिंदू, न तो गीता का ज्ञान है ना ही पुराण का। हिंदू न तो मंदिर जाता है, न गुरुओं के पास। हिंदू आने ही भगवान और त्योहारों का मजाक बनाता है। हिंदू अपने ही भगवान का रूप बना करके नचवाता है।
यह एक विचित्र तर्क जरूर है। आपको दीवार या दुकानों के सामने दिखा मिल जाएगा राम बूट हाऊस। कभी अल्ला बूट हाऊस लिखा किसी दुकान के सामने देखा है। पटाखों के हमारे देवी देवताओं के चित्र छपे मिल जाएंगे। वे भी अपने देवी-देवताओं को कभी नहीं छापते, क्योंकि वे इतने श्रद्धावन हैं, इतने कट्टर हैं। हम कट्टर नहीं हैं, इसलि हिंदू बर्बाद हो रहा है। इसलिए हम इंडोनेशिया, फिजी, नेपाल और मॉरीसस में अल्पसंख्यक हो गए। भारत के 9 राज्य मणिपुर, मेघायल, त्रिपुरा, असम, केरल समेत इन राज्यों में तुम अल्पसंख्यक हो गए। धीरे-धीरे मध्यप्रदेश, यूपी में भी होगे। देश 2050 तक गजवाहे हिंदू हो जाएगा। अभी नहीं जागे तो कभी नहीं जाग पाओगे।
जब मीडिया ने पूछा, कई बार ऐसे बयान से एक वर्ग में भय उत्पन्न हो जाता है। जवाब में कहा, मुसलमानों को यह देश छोड़ने की जरूरत नहीं है। यह देश सबका है। देश संविधान से चलेगा, ना कि बाबा के ज्ञान से। सबको यहां रहने का अधिकार है। उनके भी दादा-परदादा ने देश को आजादी दिलाने में अपना अहम योगदान दिया है। इसको स्वीकारोक्ति के साथ कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे।
मीडिया ने पूछा, आपकी पदयात्रा को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं। इसके जबाव में कहा, जो पदयात्रा में पैदल चला नहीं, जिसने वह सब देखा नहीं, उसे एक भी टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। एक ओर सवाल आज देश को जगाने की बात करते हैं, अब कह रहे हैं देश को बच्चों की जरूरत है, हिंदू बच्चे पैदा करे। जवाब में कहा, जितने बच्चे उतने ही अच्छे। क्वॉन्टिटी से ज्यादा क्वॉलिटी होनी चाहिए। बच्चा एक हो, लेकिन कट्टर हिंदू हो। तीन या चार बच्चे नहीं होने से परिवार का विखंडन हो रहा है। परिवार खत्म हो रहा है। न चाचा का सुख मिल रहा, न बुआ का सुख रहा, न मौसी का सुख मिल रहा। एक या दो बच्चे होने में यह सुख खत्म हो रहा है, इसलिए चार बच्चे जरूरी हैं। बुआ, मौसी, भतीजा, भतीजी सब होना चाहिए। इसलिए चार नहीं 14 हों। क्ववांटिटी तो हो, लेकिन क्वॉलिटी भी हो कि वह कट्टर हिंदू हो।
जब पूछा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हत्याचार हो रहे हैं। इसके जबाव में बोले,
हिंदुओं का अलग क्षेत्र होना चाहिए। बांग्लादेश में हिंदुओं को एकत्र होकर सड़कों पर आना चाहिए। वहां की सरकार को किसी भी हाल में हिंदुओं को सुरक्षा देना चाहिए या सरकार से इस्तीफा देना चाहिए। बांग्लादेश के हिंदुओं के साथ पूरे विश्व के हिंदुओं को सपोर्ट करना चाहिए। ऐसा नहीं कर पाए तो हम बुजदिल हैं, कायर हैं, डरपोक हैं।
एक साथी ने पूछा, आप हिंदुओं को एक करने की बात कह रहे हैं, यहां तो आरक्षण की लड़ाई चल रही है। आरक्षण एक अलग विषय है। हिंदू राष्ट्र विचारों की लड़ाई है, न की सरकारों की।
एक ओर सवाल पूछा कि सनातनियों को मनाने के लिए क्या पहल करेंगे, आप सनातन बोर्ड बनाने की मांग भी कर रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा, हम पहल कर ही रहे हैं। हिंदुओं को एक कर ही रहे हैं। सनातन बोर्ड के लिए यही सबसे बड़ी पहल है। आप लोगों के माध्यम से बात सरकारों तक पहुंचा रहे हैं, ताकि सरकार के लोग जागें। या तो वक्फ बोर्ड खत्म हो सनातन बोर्ड बने। हिंदू राष्ट्र बनेगा तो सनातन बोर्ड की जरूरत ही नहीं पड़ेगी, उसी में सब आ जाएगा। 100 करोड़ हिंदुओं में हमें एक करोड़ कट्टर हिंदुओं की आवश्कता है। इस दुनिया में अभी तहलका मचा रखा है AI (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंट) ने। हमारे हिंदुओं में एक ही सबसे बड़ी कमजोरी है। वो अपने तथ्यों को, गीता, रामायण पुराण को पढ़ता नहीं है या तथ्य रख नहीं पाता है। AI के बाद भारत को बचाने के लिए HI (हिंदू इंटरएक्चूअल) की जरूरत है।
जब उनसे पूछा गया कि अगली पदयात्रा कब से और कहां से करेंगे। तो बताया कि 2025 में समय और तिथि निश्चित नहीं हुई है। वृंदावन से दिल्ली की और एक पुनः यात्रा करेंगे, जो संपूर्ण समाज को एक करने और 200 से 300 सालों में हिंदुओं में सबसे बड़ी खाई जात-पात, ऊंच-नीच की जो लग गई है, उस खाई को दूर करने के लिए हिंदुओं को एक करने के लिए, जब तक जीएंगे, इसके लिए कार्य करते रहेंगे। शेष यात्राओं के संपन्न होने के बाद हम दक्षिण में यात्रा शुरू करेंगे। बैल्लूर से तिरुपति बालाजी तक जल्द ही हम अपनी यात्रा शुरू करेंगे। इलाहाबाद में महाकुंभ में लाखों लोग जुड़ेंगे, वहां कोई यात्रा को लेकर आपकी प्लानिंग है क्या तो उन्होंने कहा नहीं, प्लानिंग से हम काम नहीं करते हैं। महाकुंभ में पहुंचकर सभी संतों के दर्शन करेंगे। हमारा क मिशन और एक विजन है। हिंदुओं को एक करना। हिंदुओं को तर्कवादी बनाना। हिंदुओं को अपने अधिकार बताना। हिंदुओं को जागृत करना। हम बताने नहीं आए हैं, हम जगाने आए हैं। हम जगाकर रहेंगे, चाहे कोई कुछ भी कर ले। कितने भी अवरोध, रोड़ा आ जाए, हम न झुकेंगे, न रुकेंगे, न मुड़ेंगे, जब तक हिंदू एक नहीं हो जाता।
बाबा को धमकी मिली इस बयान के बाद
जब बाबा बागेश्वर ने कहा था- हरिहर मंदिर में रुद्राभिषेक हो जाना चाहिए। तो बोले मुरादाबाद के एक धार्मिक कार्यक्रम में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि अब तो आवाज यहां तक भी आ गई। अब तो जल्दी से जल्दी उस मंदिर की पूजा भी प्रारंभ हो जानी चाहिए। अयोध्या में राम जी बैठ गए। काशी में नंदी भगवान निकल आए। यह मुहूर्त है। अब हरिहर मंदिर में भी अभिषेक... रुद्राभिषेक हो जाना चाहिए।
ये मिली थी धमकी
परवाना ने कहा, गोल्डन टेंपल के लिए यह बात कही
बरजिंदर परवाना ने कहा- बागेश्वर धाम वाले साधु ने बयान दिया कि वह जो हरमंदिर है, वहां हम अपनी पूजा करेंगे। अभिषेक करेंगे और मंदिर बनाएंगे। मैं कहता हूं कि आओ, पर एक बात याद रखना, हमने इंदिरा गांधी को मारा। उसे अंदर पैर नहीं रखने दिया। यहां लाखों की फौज आई, उसे हमने गोलियों से भून दिया। बेअंत (पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह) को चंडीगढ़ में बम से उड़ाया।
बागेश्वर वाला बाबा नोट कर ले कि आज से उसकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है। तुझे भी टकरेंगे और चाहे जैसे मर्जी हो, तुझे भी मार डालेंगे। तू आ तो सही। हरमंदिर साहिब तो दूर, बागेश्वर वाला बाबा अमृतसर या पंजाब में आकर दिखाए।

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