शिवपुरी। न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री जीतेंद्र मैहर की न्यायालय में सीमेंट विक्रेता मोहन दास गुप्ता (परिवादी) द्वारा आरोपी राजवीर सिंह के विरुद्ध प्रस्तुत 153000रुपए के चैक बाउंस के मामले में आरोपी राजवीर सिंह को दोषमुक्त करते हुए परिवादी मोहनदास गुप्ता द्वारा आरोपी के विरुद्ध प्रस्तुत परिवाद खारिज कर दिया। मामले के अनुसार के परिवादी मोहनदास गुप्ता की सीमेंट और सरियों की दुकान से आरोपी राजवीर सिंह ने 153000 रुपए का सीमेंट और लोहे का सरिया खरीदा था जिसका भुगतान आरोपी राजवीर सिंह ने नगद में ना करते हुए चैक के माध्यम से भुगतान किया था,जब दुकानदार मोहनदास (परिवादी) ने आरोपी राजवीर सिंह द्वारा सीमेंट सरिए की खरीदी के भुगतान हेतु दिए गए चैक को अपने बैक खाते मे प्रस्तुत किया तो चैक का भुगतान नहीं हो सका और वह चैक "पेमैंट स्टॉप" होने के कारण डिसऑनर हो गया, परिवादी सीमेंट विक्रेता मोहनदास द्वारा आरोपी (सीमेंट खरीदार राजवीर सिंह) को चैक राशि 153000 रूपयों के भुगतान किए जाने हेतु नोटिस दिया गया किन्तु नोटिस प्राप्त होने पर भी चैक राशि की अदायगी आरोपी ने नहीं की तब सीमेंट विक्रेता मोहनदास ने आरोपी के विरुद्ध चैक डिस ऑनर का परिवाद प्रस्तुत किया। मजिस्ट्रेट न्यायालय ने दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत की गई साक्ष्य पर विचार करने के उपरांत आरोपी राजवीर सिंह के अभिभाषक आशीष श्रीवास्तव, नरेश शाक्य, तनिश भार्गव, के तर्कों एवं उनके द्वारा प्रस्तुत उच्च न्यायालय, सर्वोच्च न्यायालय के न्याय दृष्टांतो से सहमत होते हुए सीमेंट विक्रेता मोहनदास परिवादी का परिवाद खारिज करते हुए आरोपी राजवीर सिंह को दोषमुक्त किए जाने का निर्णय पारित किया।आरोपी की पैरवी आशीष श्रीवास्तव एडवोकेट ने की।
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