ऋषि शर्मा की रिपोर्ट
डीईओ-डीपीसी के साथ नन्ही छात्रा ने फीता काटकर किया पुस्तक मेले का शुभारंभ
शिवपुरी। जिले के निजी स्कूलों में पुस्तकों, स्टेशनरी व गणवेश निश्चित दुकान से मनमाने दामों पर खरीदने की बाध्यता को लेकर प्रशासन व जिला शिक्षा विभाग को मिल रही शिकायतों के चलते कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी के निर्देशन में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सृजित पुस्तक मेले की परिकल्पना पहले ही दिन साकार नजर आई। जिला मुख्यालय पर शासकीय उमावि क्र. 2 के क्लास रूमों में दुकानें सजाकर रविवार की सुबह सात दिवसीय पुस्तक मेले का शुभारंभ किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी समर सिंह राठौड़ व डीपीसी दफेदार सिंह सिकरवार ने चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन शुरू हुए इस पुस्तक मेले का शुभारंभ खुद न करते हुए अशासकीय स्कूल की एक नन्ही छात्रा दिव्यांशी खटीक के हाथों से करवाया। कुछ अन्य स्कूली बच्चों के साथ दिव्यांशी ने फीता काटा। पुस्तक मेले के प्रति पहले ही दिन अभिभावकों का रुझान साफ नजर आया हालांकि गुड़ी पड़वा, नवरात्र का असर रहा कि भीड़ नदारद दिखी फिर भी मेले के प्रारंभ होने के दो घंटे के भीतर ही एक सैंकड़ा से अधिक अभिभावकों ने बच्चों के साथ मेले में पहुंचकर खरीददारी की। जबकि शाम 4 बजे तक यह आंकड़ा दो सौ के आसपास पहुंच गया।
परिसर में नहीं क्लास रुम में सजी हैं दुकानें
मेले में 10 से अधिक पुस्तक, स्टेशनरी संचालकों ने अपनी दुकान लगाई हैं ये क्लास रूम्स में लगी है, जिनमें एनसीईआरटी, सीबीएसई बोर्ड में संचालित पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। प्रारंभिक आंकड़े के मुताबित शाम 4 बजे तक ही डेढ़ लाख से अधिक की बिक्री दर्ज की गई है। मेले का आयोजन 5 अप्रैल तक जारी रहेगा। ऐसे में उम्मीद है कि निजी स्कूलों की मोनोपॉली को खत्म करने शुरू की गई यह पहल अभिभावक हित में सार्थक साबित होगी। पुस्तक मेले के आयोजन के दौरान प्रमुख रूप से प्राचार्य उमावि क्र. 2 अर्चना शर्मा, एपीसी उमेश करारे, विपिन पचौरी, इंदु पारशर, राजीव श्रीवास्तव, अजय बाथम, निर्मल जैन, अनिल मलवरिया, अनिल रावत, संजय जैन, यादवेन्द्र चौधरी आदि मौजूद रहे।
पुस्तकों पर 5 से010% तो स्टेशनरी पर 15 से 40% तक मिल रही छूट
पुस्तक मेले के माध्यम से जहां अभिभावकों को एक ही स्थान पर सभी प्रकार की पुस्तकें, स्टेशनरी व अन्य सहायक सामग्री उपलब्ध हो रही हैं तो वहीं जिला शिक्षा अधिकारी ने मेले में आए विक्रेताओं को निर्देश दिए थे कि वे अधिकतम छूट अभिभावकों को खरीददारी पर दें और इसका असर भी मेले में नजर आया। प्रतिस्पर्धा के चलते अभिभावकों को विक्रेताओं द्वारा स्टेशनरी की एमआरपी पर 10 से 40 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। तो वहीं किताबों पर 5 से 10% तक छूट दी जा रही है। डीईओ ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मेले का भ्रमण करें और लाभ उठावें।
संजीव बोले, ग्राहकों को मिले फायदा इसलिए लगाई दुकान
शहर के न्यू ब्लॉक में स्थित संजीव स्टेशनरी के मालिक संजीव ने अपनी दुकान लगाई है। कॉपी, पेन, पेंसिल इत्यादि स्टेशनरी की फुल रेंज मौजूद है। संजीव ने कहा कि लोगों को बेहद किफायती दाम पर सामग्री मिले ये मेरा शुरू से मकसद रहा है। सुनिए क्या कहा।
शैलेंद्र शैलू मित्तल ने कहा दे रहे डिस्काउंट
कुमार स्टेशनरी स्टोर हंस बिल्डिंग के पास न्यू ब्लॉक के मालिक शेलू मित्तल ने दुकान लगाई है वे भी डिस्काउंट दे रहे है। सुनिए क्या बोले।
भारती पुस्तक सदन पर हैप्पी डेज, बेनेडिक्ट की किताब मौजूद
नगर के अस्पताल चौराहे की मशहूर दुकान भारती पुस्तक सदन ने भी मेला लगाया है। संचालक ने बताया कि उनके यहां हैपी डेज, सेंट बेनेडिक्ट और स्कूल की किताबें मौजूद हैं। सुनिए क्या बोले।
अशोक स्टेशनरी पर मिल रहा डिस्काउंट
शैलेंद्र जी ने अशोक स्टेशनरी पर सेंट चार्ल्स, ईस्टर्न हाइट्स आदि की किताब पर 5% और स्टेशनरी पर 20 से 25% डिस्काउंट की बात कही। सुनिए बातचीत video
तपस्या स्टेशनरी ने भी लगाई दुकान
नगर के राजेश्वरी स्टोर की तपस्या स्टेशनरी ने भी अपनी दुकान लगाई है। जिनके पास शिवपुरी पब्लिक स्कूल के साथ अन्य स्कूल की किताबें भी हैं और 5% डिस्काउंट दिया जा रहा है। इनसे मीडिया के साथियों ने कई सवाल किए। सुनिए पूरी बातचीत। Video
दतिया में मिल रहा 30% डिस्काउंट, बोले अभिभावक
एक पालक ने कहा कि जब दतिया के पुस्तक मेले में 30% डिस्काउंट मिल रहा है तो शिवपुरी में केवल 5% ही क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक प्रदेश, एक सी किताबें फिर इतना अंतर क्यों ? ये लोग 50 नहीं 70% कमीशन खा रहे, अब हम क्या कहें कैसे। सुनिए उनकी बातचीत।
दुकान से कुछ नहीं यहां 5% की छूट, लेकिन बाध्यता अब भी यही इसी दुकान पर मिलेगी किताब
एक पालक और सोशल साइड के स्पेशलिस्ट रोहित बंसल भी पुस्तक मेले में पहुंचे थे। उन्होंने ये तो कहा कि दुकान पर कोई डिस्काउंट नहीं था। अब 5% डिस्काउंट मिल रहा है। लेकिन बाध्यता अभी भी है कि इसी दुकान पर हमारे बच्चे के स्कूल की किताबे मिल रही हैं। सुनिए बातचीत।
दुकानदार बोले, बड़ी रेंज है हर स्कूल की बुक्स रखना संभव हो ही नहीं सकता
इधर दुकानदारों ने कहा कि हम चाहें तो भी एक एक दुकान पर सभी स्कूलों की किताब नहीं रख सकते। रेंज इतनी बड़ी है कि कोई ऐसा कर ही नहीं सकता। दो तीन स्कूलों की बात है तो वो हम रखते ही हैं। देखिए video
डीईओ ने कहा, डिस्कॉऊंट मिल रहा, सभी स्कूलों की किताब पर लीजिए, फिर भी महंगे निजी स्कूल तो सरकारी में पढ़ाइए बच्चे
डीईओ समर सिंह राठौड़ ने पुस्तक मेले की महत्ता बताई। पालकों से अनुरोध किया कि सात दिन के मेले के अब छह दिन बचे हैं, जल्दी आइए जल्दी खरीदारी कीजिए। बाद में परेशानी से बचिए। आपके हित की खातिर मेला लगाया है। जिसमें डिस्काउंट दिया जा रहा है। जब एक मीडिया साथी ने कहा कि आरोप यही थे कि एक ही दुकान से सामान लो तो वहीं इस मेले में हो रहा है। किसी किसी स्कूल की कॉपी किताब एक ही स्कूल पर मिल रही दूसरे पर नहीं। तब डीईओ ने कहा कि हम डिस्काउंट पर मेला लगवाने में कामयाब रहे हैं फिर भी पालकों को लगता है कि निजी स्कूल महंगे हैं तो अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भर्ती करवाए। सारी फैसलिटी सरकारी स्कूलों में मिल रही। सुनिए बातचीत video

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