शिवपुरी। जैसे महाभारत काल मे अर्जुन ने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर सफलता को प्राप्त किया था, वैसे ही अपने जीवन का लक्ष्य निश्चित करो और उसे पूरा करने में अपनी पूरी ताकत लगा दो, तभी सफलता मिलेगी। बिना लक्ष्य के जीवन का कोई अर्थ नही है। यह बात जेंडर चैम्पियन के प्रशिक्षण के दौरान बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा ने कहीं।
उन्होंने महिलाओं एवं बच्चों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचने की अपील करते हुए कहा कि आपका एक छोटा सा प्रयास किसी का जीवन बदल सकता है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों से बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सुगंधा शर्मा, सदस्य रेखा शर्मा,संतोष कुमार पांडेय एवं धीरेंद्र सिंह राजपूत के द्वारा संवाद किया गया। जिसमें उन्हें बाल कल्याण समिति की कार्यप्रणाली एवं बच्चों के जोखिमों की जानकारी देते हुए बताया कि वे कैसे उनकी मदद कर सकते है।
ममता संस्था की जिला समन्वयक कल्पना रायजादा द्वारा चैम्पियनों को सुझाया कि स्कूलों से अवकाश के बाद वे अपने गांव में चाइल्ड हैल्पलाईन का प्रचार प्रसार करे ,बाल विवाह के दुश्परिणामों को लेकर गांव में किशोरों के साथ चर्चा करें। शालात्यागी एवं अप्रवेशी बच्चों की सूची तैयार कर उपलब्ध करावे जिससे उन बच्चों को स्कूलों से जोड़ा जा सके। कार्यक्रम के अंत में किशोरो को प्रमाणपत्रों का वितरण किया गया। इस अवसर पर छात्रावास अधीक्षक आरसी दिवाकर उपस्थित रहे।
किशोरों को बनाया जेंडर चैम्पियन
समाज में महिलाओं और पुरुषों के बीच होने वाले भेदभाव को मिटाने, बच्चों के अधिकारों का संरक्षण करने, बालिकाओं के लिए अनुकूल वातावरण निर्माण करने तथा सामाजिक कुरीतियों को मिटाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने ममता संस्था के सहयोग से जिले के अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के स्कूलों एवं छात्रावासों से 100 से अधिक किशोरों एवं युवाओं को जेंडर चैम्पियन के रूप में चिन्हांकित किया है।
चयनिय जेंडर चैम्पियनों को महिला एवं बाल विकास द्वारा ममता संस्था के सहयोग से विभिन्न मुद्दों पर प्रशिक्षित किया गया है।जिसमें जीवन कौशल, जेंडर जेंडर आधारित हिंसा, बाल संरक्षण से जुड़े मुद्दों, बाल अधिकार, वित्तीय साक्षरता एवं कौशल विकास जैसे विषयों को समझाया गया है।
वीते रोज प्रशिक्षण के समापन सत्र का आयोजन एक प्रशिक्षण सह सम्मान कार्यक्रम के माघ्यम से किया गया। जिसमें सम्पूर्ण सत्रों में भाग लेने वाले किशोरो का सम्मान महिला एवं बाल विकास विभाग एवं ममता संस्था द्वारा सत्र संपूर्ण करने पर उन्हें जेंडर चैम्पियन के रूप में किया।

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