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#धमाका खास खबर: शिवपुरी के महज 6 साल के नन्हें शतरंज खिलाड़ी आयुष्मान चतुर्वेदी ने नोएडा में रैपिड शतरंज टूर्नामेंट के U-7 वर्ग में प्रथम स्थान, 5-1 वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया, दोनों की मैच में अपराजित रहे। "सपना है देश का सबसे युवा चेस मास्टर बनना"

मंगलवार, 1 अप्रैल 2025

/ by Vipin Shukla Mama
शिवपुरी। शिवपुरी जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं देश से लेकर विदेश तक शिवपुरी के युवा अपनी काबिलियत साबित कर रहे है। इन्हीं में शामिल है शिवपुरी के महज 6 साल के नन्हें शतरंज खिलाड़ी आयुष्मान चतुर्वेदी। छोटी उम्र लेकिन जज्बा कमाल की बात को चरितार्थ करते हुए आयुष्मान ने नोएडा में रैपिड शतरंज टूर्नामेंट के U-7 वर्ग में प्रथम स्थान, 5-1 वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया, दोनों की मैच में अपराजित रहे। "सपना है देश का सबसे युवा चेस मास्टर बनना"
शिवपुरी। हम सब जानते हैं कि शतरंज की शुरु‌आत भारत में हुई और शतरंज में भारत का दबदबा हमेशा रहा है। चाहे वो भारत के प्रथम ग्रैंड मास्टर व विश्व शतरंज चैंपियन विश्वनाथ आनंद हो या अभी हाल ही में सबसे युवा भारतीय डी. गुकेश के जिन्होंने विश्व शतरंज में झंडा बुलंद किया।  ऐसे ही कई अन्य शतरंज खिलाडी हैं जो भारत का नाम शतरंज की के खेल में आगे कर रहे हैं। जैसे अर्जुन एरिगेसी, विदित गुजराती, आर प्रज्ञानंदा इन्हीं सब महान प्रतिभाओं से प्रेरणा लेकर और उन्हें आदर्श मानकर शिवपुरी के महज 6 साल के नन्हें शतरंज खिलाड़ी आयुष्मान चतुर्वेदी आगे बढ़ रहे हैं। जिन्होंने 20 मार्च 2025 को नोएडा में काबिल किड्स अकादमी द्वारा आयोजित रैपिड शतरंज टूर्नामेंट के U-7 वर्ग में प्रथम स्थान, 5-1 वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वे दोनों की मैच में अपराजित रहे।
भाई ने गिफ्ट किया शतरंज बोर्ड और बन गई बात
आयुष्मान के शंतरज की शुरुआत तब हुई जब एक शतरंज का बोर्ड उनके भाई सक्षम ने उनके जन्मदिन पर गिफ्ट किया। तब आयुष्मान 5 साल का था। लेकिन ये बोर्ड वरदान बनेगा कोई सोच भी नहीं सकता था। उसने शुरुआत में youtube से सीखा और अपने चाचा श्री सर्वेश चतुर्वेदी से शतरंज खेलना प्रारंभ किया। उसके शतरंज के प्रति समर्पण व सीखने की इच्छा को देखते हुये दिल्ली मेट्रो में कार्यरत उनके पिता श्री अखिलेश चतुर्वेदी, मां नेहा चतुर्वेदी ने उन्हें दिल्ली की "Brain games Chess academy" 1" में प्रशिक्षण के लिये भेजा। इस अकादमी ने भी उनकी प्रतिभा को पहचाना तथा कुछ महीनों के प्रशिक्षण के उपरांत उन्होंने कई प्रतियोगिता में भाग लिया व कई मेडल जीते। धीरे- धीरे आयुष्मान ने अपने शतरंज के कौशल को आगे बढ़ाया जिसमें उनकी कोचिंग का महत्वपूर्ण रोल रहा। अब आयुष्मान का सपना शतरंज में भारत का प्रतिनिधित्व करना और विश्व के सबसे युवा ग्रैंड मास्टर बनने का है जिसका रिकॉर्ड अभी अभिमन्यु मिश्रा के नाम है। जिन्होंने यह उपलब्धि मात्र 12 वर्ष 4 महीने 28 दिनो में हासिल की जो अमेरिकन ग्रैंड मास्टर है। इस नन्हें खिलाड़ी ने अपनी सफलता का श्रेय घर के सभी बड़ों को दिया। धमाका की चीफ एडिटर विपिन शुक्ला ने उन्हें बधाई दी है। 









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