इधर दुकानदारों ने कहा कि किताब टैक्स फ्री रहती हैं। साथ ही हम पीक सीजन में प्रशासन के कहने पर मेले में आए हैं। भुगतान भी गुगल, फोन पे पर ले रहे हैं तो जाहिर है बिल पोस्टिंग भी करते ही हैं लेकिन प्रशासन हमें सहयोग नहीं कर रहा। जबकि हम लोग पब्लिशर्स के द्वारा भेजे जाने वाली रेट से बेहद कम मार्जिन पर बुक्स बेच रहे हैं। हालांकि दुकानदारों ने कल बिल प्रशासन को दिखवाने की बात कही।

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